पूर्णिया के चिकित्सीय नगरी लाइन बाजार स्थित डॉ. जयेश कुमार नर्सिंग होम में एक बार फिर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल का कंपाउंडर नशे की हालत में मरीजों का इलाज और ऑपरेशन करता था। इसी लापरवाही के कारण एक महिला मरीज की मौत हो गई।
दरअसल अररिया जिले के पलासी थाना क्षेत्र के रहने वाले चंदन कुमार अपनी मां तेतरी देवी (60) को पथरी और गर्भाशय की समस्या के इलाज के लिए इस नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। ऑपरेशन के कुछ दिनों बाद महिला का शरीर सूजने लगा।
लगभग 40 दिन इलाज के बाद डॉक्टर ने उन्हें पीएमसीएच रेफर कर दिया। पटना के डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान इंफेक्शन हो गया था, जो पूरे शरीर में फैल गया और यही मौत का कारण बना।
परिजनों ने आरोप लगाया कि शाम होते ही अस्पताल का स्टाफ शराब पीकर धुत हो जाता था। नशे में इलाज करने से मना करने पर बदसलूकी की जाती थी। इलाज के दौरान परिजनों से लगभग 2.50 लाख रुपये वसूले गए।
मरीज की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। इस दौरान अस्पताल परिसर से दर्जनों शराब की खाली बोतलें और टेट्रा पैक बरामद हुए। देखने वाले कह रहे हैं कि अस्पताल नहीं, बल्कि शराब का अड्डा नजर आ रहा था।
डॉ. जयेश कुमार ने सभी आरोपों से इनकार किया है। हालांकि, पुलिस और डॉक्टरों के संगठन ने अब तक न तो शराब की बोतलों पर कोई कार्रवाई की है और न ही लापरवाही की जांच शुरू की है।



