Advertisement Carousel

20 मिनट कांपलेक्स की लिफ्ट में फंसी रही ACS, घबराहट में रोने लगीं अधिकारी

SANDEEP SHUKLA

रायपुर  एयरपोर्ट जाने वाले श्रीराम मंदिर चौक (VIP रोड चौक) स्थित करेंसी टावर में आज सुबह लगभग 6:30 बजे छत्तीसगढ़ शासन की असिस्टेंट चीफ सेक्रेटरी (ACS) ऋचा शर्मा लिफ्ट में फंस गईं। बताया जा रहा है कि ACS ऋचा शर्मा करीब 20 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रही

लिफ्ट के अंदर न तो पर्याप्त रोशनी थी और न ही हवा आने का कोई रास्ता, जिससे ACS को घबराहट होने लगी और उनकी हालत बिगड़ गई। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, घबराहट के कारण वे रोने लगीं और काफी देर तक बदहवास रहीं।

सबसे गंभीर बात यह रही कि लिफ्ट के अंदर कोई इमरजेंसी अलार्म सिस्टम या हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध नहीं था, जिसके चलते मदद पहुंचने में काफी समय लग गया। अधिकारी ने किसी तरह अंदर से फोन कर प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद मौके पर हड़कंप मच गया।

उर्जा सचिव को भी लगाया फोन

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया की महिला अधिकारी ने लिफ्ट के दौरान कांपलेक्स की बदहाली को लेकर राज्य के उर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव को भी काल करके जानकारी दी। पावर बैकअप, सोलर पावर नहीं होने आदि के विषय में भी जानकारी ली। काफी मशक्कत के बाद जब लिफ्ट का दरवाजा खोला गया तो अधिकारी बाहर निकलीं। लोगों का कहना है कि बिना हवा और रोशनी के इतनी देर तक बंद रहने के कारण उनकी हालत खराब हो गई थी और उन्हें संभलने में काफी समय लगा।


पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं

बताया जा रहा है कि करेंसी टावर की 7वीं मंजिल पर SAICUS GYM संचालित है, जहां स्थानीय लोगों के साथ बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी भी आते हैं। इस टावर में लिफ्ट फंसने की यह पहली घटना नहीं है। पहले भी कई बार लोग लिफ्ट में फंस चुके हैं और कुछ लोग बेसुध तक हो गए हैं। बावजूद इसके प्रबंधन द्वारा कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई।

स्थिति इतनी खराब है कि लिफ्ट का पंखा भी खराब बताया जा रहा है। अब जब राज्य शासन की बड़ी अधिकारी इस तरह लिफ्ट में फंसीं, तो करेंसी टावर की अव्यवस्थाओं की पोल खुल गई है।


नियमों का हो रहा उल्लंघन

प्रशासनिक नियमों के अनुसार, ऐसे बड़े कॉम्प्लेक्स में पावर बैकअप, इमरजेंसी लाइट, अलार्म सिस्टम और इमरजेंसी संपर्क नंबरों की जानकारी अनिवार्य होती है। लेकिन करेंसी टावर में ये सुविधाएं नहीं होने के कारण ऐसी स्थिति बनी।

कॉम्प्लेक्स में दुकान चलाने वाले और जिम आने वाले लोग रोजाना इस समस्या से जूझ रहे हैं। अब देखना होगा कि SDRF, नगर निगम और फायर सेफ्टी एजेंसियां इस मामले में क्या कार्रवाई करती हैं, या फिर रसूख के चलते यह मामला भी दबा दिया जाएगा।