GARHWA NEWS: झारखंड के गढ़वा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र में चर्चा छेड़ दी है। रमना थाना क्षेत्र के बगोंधा टोला गांव में एक युवती द्वारा शादी के दौरान सिंदूरदान की रस्म से इनकार किए जाने के करीब एक महीने बाद उसके पिता ने नाराजगी में अपनी जीवित बेटी का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर दिया।
जानकारी के अनुसार, बगोंधा टोला निवासी सुखट राम की पुत्री पुष्पा कुमारी की शादी गढ़वा थाना क्षेत्र के जोबरैया गांव निवासी दीपक कुमार रवि के साथ तय हुई थी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बारात पूरे रीति-रिवाज और धूमधाम के साथ गांव पहुंची थी। जयमाला समेत विवाह की कई रस्में भी संपन्न हो चुकी थीं।
बताया गया कि जब विवाह मंडप में सिंदूरदान की रस्म शुरू हुई और दूल्हा दुल्हन की मांग में सिंदूर भरने लगा, तभी पुष्पा कुमारी ने अचानक शादी करने से इनकार कर दिया। दुल्हन के इस फैसले से समारोह में मौजूद परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण हैरान रह गए। काफी समझाने-बुझाने और पंचायत स्तर पर बातचीत के बावजूद युवती अपने निर्णय पर अडिग रही।
पूरी रात चले प्रयासों के बाद भी मामला नहीं सुलझ सका। अंततः दूल्हा पक्ष को बिना दुल्हन के ही बारात वापस ले जानी पड़ी। घटना के बाद यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।
बताया जा रहा है कि बेटी के फैसले से आहत पिता और परिवार ने इसे सामाजिक अपमान के रूप में लिया। इसी नाराजगी में पिता सुखट राम ने अपनी जीवित बेटी का प्रतीकात्मक पुतला तैयार कराया और उसे मृत मानते हुए गांव में शव यात्रा निकाली। बाद में श्मशान घाट पहुंचकर धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार भी किया गया।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, इस मामले को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। घटना ने सामाजिक परंपराओं, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पारिवारिक सम्मान को लेकर नई बहस छेड़ दी है।