DHAMTARI NEWS. महाराष्ट्र से छत्तीसगढ़ के बस्तर की खूबसूरत वादियों को एक्सप्लोर करने निकली महिला बाइक राइडर्स के एक काफिले का सफर दर्दनाक हादसे के बाद थम गया। 23 महिला राइडर्स का यह ग्रुप रोमांच और उत्साह के साथ बस्तर की ओर बढ़ रहा था, लेकिन धमतरी जिले की सीमा पर हुए हादसे ने पूरी यात्रा को मातम में बदल दिया। हादसा जगतरा-मड़का टोला मोड़ के पास हुआ। जानकारी के मुताबिक, बस्तर की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रेलर की चपेट में बाइक सवार महिला राइडर आ गई। हादसे में मुंबई के कांदिवली निवासी 24 वर्षीय रिद्धि पिता दिव्येश ठक्कर गंभीर रूप से घायल हो गईं।
बस्तर की खूबसूरती देखने निकली थीं, रास्ते में हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र से 23 महिला बाइक राइडर्स का काफिला छत्तीसगढ़ के बस्तर की यात्रा पर निकला था। सभी अपनी बाइक पर सवार होकर एक साथ सफर कर रही थीं। सफर को लेकर उत्साह था और बस्तर की प्राकृतिक खूबसूरती को करीब से देखने का सपना था।लेकिन धमतरी जिले की सरहद में पहुंचते ही यह खुशनुमा सफर अचानक हादसे में बदल गया। जगतरा-मड़का टोला मोड़ के पास रिद्धि की बाइक अनियंत्रित होकर ट्रेलर की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
साथियों ने तुरंत पहुंचाया अस्पताल
हादसे के बाद साथी राइडर्स ने बिना देर किए रिद्धि को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश शुरू कर दी। उन्हें धमतरी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। साथियों और परिवार को उम्मीद थी कि इलाज के बाद रिद्धि की हालत में सुधार होगा और वह फिर अपनी बाइक पर लौटेंगी। डॉक्टरों ने भी उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन चोटें बेहद गंभीर थीं। इलाज के दौरान रिद्धि ने दम तोड़ दिया।
22 साथी राइडर्स के सामने खत्म हो गया सफर
रिद्धि की मौत की खबर से पूरे बाइक राइडर्स ग्रुप में शोक की लहर दौड़ गई। जिस काफिले में कुछ देर पहले तक उत्साह और रोमांच था, वहां अब एक साथी को खोने का गम था।महज 24 साल की उम्र में रिद्धि की जिंदगी का यह सफर खत्म हो गया। बस्तर की खूबसूरत वादियों की यात्रा उनके लिए आखिरी राइड साबित हुई।
पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मोड़ पर बाइक किस वजह से अनियंत्रित हुई और ट्रेलर की रफ्तार कितनी थी। हादसे में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल इस हादसे ने 23 महिला राइडर्स के उस सफर की तस्वीर ही बदल दी है, जो बस्तर की खूबसूरत यादें संजोने के लिए शुरू हुआ था। रिद्धि के साथियों के लिए यह यात्रा अब जिंदगी की सबसे दर्दनाक याद बन गई है।