कॉन्सर्ट से कुछ घंटे पहले बिगड़ी तबीयत, 44 की उम्र में मशहूर सिंगर निसार वायनाड का निधन
SINGER NISAR WAYANAD। जिस मंच पर कुछ घंटों बाद अपनी आवाज का जादू बिखेरना था, वहां पहुंचने से पहले ही एक मशहूर सिंगर की जिंदगी का सफर थम गया। म्यूजिक इंडस्ट्री के लोकप्रिय गायक निसार वायनाड का शनिवार शाम दुबई के एक अस्पताल में 44 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके अचानक चले जाने की खबर से फैंस और म्यूजिक इंडस्ट्री में शोक की लहर है।गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, निसार अजमान में होने वाले एक लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट की तैयारी कर रहे थे। शो से कुछ घंटे पहले ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तेज बुखार की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी। निसार का असली नाम निसार अरोथ इब्राहिम था। उनकी आवाज की तुलना अक्सर बॉलीवुड के दिग्गज सिंगर उदित नारायण से की जाती थी। कम उम्र में ही संगीत की दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाले निसार अपने पीछे पत्नी और दो बेटियों को छोड़ गए हैं।
मेडिकल रिपोर्ट में सामने आई मौत की वजह
रिपोर्ट के मुताबिक, निसार की मौत की मुख्य वजह एसिडोसिस बताई गई है। उन्हें गंभीर संक्रमण यानी सेप्टिसीमिया की भी शिकायत थी, जिसका उनके शरीर पर गंभीर असर पड़ा। निसार डायबिटीज से भी पीड़ित थे। उनके करीबी दोस्त नौजास कयाक्कूल के मुताबिक, निसार को पिछले दो दिनों से हल्का बुखार था और वह इसे सामान्य समझ रहे थे। बाद में उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्होंने अस्पताल जाने की जानकारी दोस्त को फोन पर दी। दोस्त ने बताया कि जब अस्पताल से निसार की हालत गंभीर होने की जानकारी मिली, तो उन्हें बेहतर इलाज दिलाने की कोशिश की गई, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
कम उम्र में संभाल ली थी परिवार की जिम्मेदारी
निसार के करीबी दोस्त नौजास ने बताया कि पिता के निधन के बाद निसार ने बेहद कम उम्र में परिवार की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली थी। उन्होंने जिंदगीभर मेहनत की और संगीत के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई। दोस्त ने उन्हें याद करते हुए कहा कि निसार सिर्फ एक बेहतरीन और प्रतिभाशाली सिंगर ही नहीं थे, बल्कि उनके लिए बेहद करीबी दोस्त भी थे। उनका अचानक चले जाना परिवार और दोस्तों के लिए ऐसा नुकसान है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।
अंतिम विदाई में उमड़े सैकड़ों चाहने वाले
निसार के निधन की खबर के बाद उनके चाहने वाले बड़ी संख्या में उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। करीब 300 दोस्त और प्रशंसक उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। उनका पार्थिव शरीर केरल के उनके गृह क्षेत्र वायनाड ले जाया गया, जहां पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया। UAE में रहने वाले मशहूर मलयालम व्लॉगर शाहिद मणिक्कोथ भी जनाजे की नमाज में शामिल हुए। शाहिद ने सोशल मीडिया पर निसार को याद करते हुए बताया कि UAE में 17 साल रहने के दौरान उन्होंने पहली बार देखा कि किसी के पार्थिव शरीर को घर भेजने से जुड़े सभी कागजी काम इतनी तेजी से पूरे किए गए।
2000 के दशक में शुरू किया था म्यूजिक करियर
निसार वायनाड ने 2000 के दशक की शुरुआत में म्यूजिक इंडस्ट्री में कदम रखा था। धीरे-धीरे उन्होंने मप्पिला और मलयालम एल्बम संगीत में अपनी खास पहचान बनाई। उनकी आवाज को उदित नारायण से मिलती-जुलती बताया जाता था। उन्होंने अपने करियर में 100 से ज्यादा गानों और एल्बम ट्रैक्स को आवाज दी। ‘अरारुम अरियाथे’, ‘उम्मा’, ‘नसिरिया’, ‘वा स्नेहमे’ और ‘या नबिये सलाम’ उनके चर्चित गानों में शामिल रहे। उनके अचानक निधन ने मलयालम म्यूजिक इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों को गहरा सदमा दिया है। 44 साल की उम्र में निसार का यूं चले जाना उनके परिवार, दोस्तों और फैंस के लिए बेहद दुखद खबर है।