RAIPUR NEWS मौदहापारा में रजिया बेगम ने जहर खाया, मेकाहारा में जिंदगी और मौत से जूझ रही महिला; परिजनों का आरोप- ब्याज चुकाने के बाद भी घर पहुंचकर बनाया जाता था दबाव
रायपुर। राजधानी में ब्याज की रकम और पैसों के लेन-देन को लेकर कथित प्रताड़ना से परेशान एक महिला के जहर खाने का मामला सामने आया है। मौदहापारा थाना क्षेत्र की रहने वाली रजिया बेगम ने जहर खा लिया। हालत गंभीर होने पर उसे मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
मामले में सबसे अहम बात यह है कि जहर खाने से पहले महिला द्वारा लिखा गया एक पत्र सामने आया है। पत्र में महिला ने अपनी परेशानी के लिए कुछ लोगों के नामों का उल्लेख करते हुए ब्याज, पैसों के लेन-देन, बीसी और सोने से जुड़े विवाद का जिक्र किया है। पत्र में करीब 3 साल से ब्याज चुकाने, ₹25 हजार प्रतिमाह की रकम और करीब 3 लाख रुपए तथा 6 तोला सोना किसी के पास होने जैसी बातें लिखी दिखाई देती हैं।
तीन साल से ब्याज देने का दावा, फिर भी खत्म नहीं हुआ दबाव?
परिजनों का कहना है कि रजिया पिछले कई वर्षों से ब्याज की रकम चुका रही थी। इसके बावजूद कथित तौर पर कुछ लोग उसके घर पहुंचकर पैसों को लेकर दबाव बनाते और उसे परेशान करते थे। लगातार चल रहे इस विवाद और कथित प्रताड़ना से वह मानसिक रूप से परेशान थी।
महिला के पत्र में बीसी की रकम को लेकर भी शिकायत दिखाई देती है। इसमें ₹48 हजार की रकम का उल्लेख है। पत्र में यह भी लिखा दिखाई देता है कि बीसी की रकम को लेकर भुगतान नहीं किया जा रहा था।
6 तोला सोना भी विवाद के केंद्र में
परिजनों के अनुसार, महिला ने करीब 6 तोला सोना भी संबंधित लोगों को दिया था। इसके बावजूद पैसों को लेकर उस पर कथित तौर पर दबाव बनाया जा रहा था।
अब बड़ा सवाल यह है कि अगर महिला के पास से सोना और रकम ली गई थी तो उसका हिसाब क्या था? ब्याज की मूल रकम कितनी थी और वर्षों में महिला कितनी रकम चुका चुकी थी?
इन सवालों के जवाब पुलिस जांच में सामने आएंगे।
“इन लोगों की वजह से मैं बहुत परेशान हूं…”
महिला के हाथ से लिखे पत्र के अंतिम हिस्से में लगातार परेशान किए जाने की बात सामने आती है। पत्र में महिला ने अपनी परेशानी के लिए कुछ लोगों को जिम्मेदार बताया है। हालांकि, पत्र में लिखे नामों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों की ओर से जादू-टोना किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि इस तरह के आरोपों की भी पुलिस जांच के बाद ही पुष्टि हो सकेगी।
अब पुलिस के सामने कई सवाल
मौदहापारा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस महिला द्वारा लिखे पत्र में दर्ज नामों, पैसों के लेन-देन और कथित प्रताड़ना के आरोपों की पड़ताल कर रही है।
जांच में ब्याज की मूल रकम, तीन साल में किए गए भुगतान, बीसी की रकम, ₹48 हजार के लेन-देन, करीब 3 लाख रुपए और 6 तोला सोने से जुड़े दस्तावेज और गवाह अहम हो सकते हैं। साथ ही महिला और संबंधित लोगों के बीच हुई बातचीत, फोन कॉल तथा अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है।
फिलहाल रजिया जिंदगी और मौत के बीच अस्पताल में है। लेकिन उसके हाथ से लिखा यह पत्र कई गंभीर सवाल छोड़ गया है—क्या वर्षों तक ब्याज चुकाने के बाद भी उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था? 6 तोला सोना और लाखों रुपए का विवाद क्या था? और आखिर वह कौन-सी परिस्थितियां थीं, जिनसे परेशान होकर महिला ने इतना बड़ा कदम उठाया?
इन सवालों का जवाब अब पुलिस की जांच और दस्तावेजी सबूतों से ही सामने आएगा।
