RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में मतदाता सूची से जुड़ी एक बड़ी विसंगति सामने आई है। यहां बीरगांव की पूर्व महापौर अंबिका यदु के मतदाता रिकॉर्ड में महिला की जगह पुरुष दर्ज होने का मामला सामने आया है। एक पूर्व जनप्रतिनिधि के रिकॉर्ड में इस तरह की गलती सामने आने के बाद विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और मतदाता सूची के सत्यापन पर सवाल उठने लगे हैं।
क्या है पूरा मामला?
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में अंबिका यदु का नाम, उनके रिश्तेदार का नाम चेतराम यदु और उम्र 60 वर्ष दर्ज है। संसदीय क्षेत्र के स्थान पर रायपुर, छत्तीसगढ़ लिखा हुआ है। दावा है कि अन्य जानकारियां सही होने के बावजूद जेंडर वाले कॉलम में महिला की जगह पुरुष दर्ज कर दिया गया है।
यह विसंगति सामने आने के बाद मतदाता सूची में दर्ज जानकारियों की शुद्धता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
SIR प्रक्रिया पर उठे सवाल
चुनाव आयोग की ओर से विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के तहत मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन किया गया। इस प्रक्रिया में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की अहम भूमिका होती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सत्यापन के बाद भी मतदाता के जेंडर जैसी बुनियादी जानकारी में गलती कैसे रह गई।
इस मामले ने डिजिटल पोर्टल पर दर्ज जानकारी की जांच और उसे अपडेट करने की प्रक्रिया पर भी ध्यान खींचा है।
आम मतदाताओं के रिकॉर्ड को लेकर भी चिंता
अगर किसी पूर्व महापौर के रिकॉर्ड में इस तरह की त्रुटि सामने आती है, तो आम मतदाताओं की जानकारी की शुद्धता को लेकर भी चिंता होना स्वाभाविक है। स्थानीय स्तर पर कुछ अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं के नामों तथा तस्वीरों में कथित विसंगतियों की भी चर्चा है।
हालांकि, इन सभी मामलों की स्वतंत्र पुष्टि और आधिकारिक जांच की जानकारी सामने आना जरूरी है।
मतदाता सूची के दोबारा सत्यापन की मांग
इस घटना के बाद मतदाता सूची की जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने और जरूरत पड़ने पर रिकॉर्ड का दोबारा सत्यापन कराने की मांग उठ रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित अधिकारियों की ओर से इस विसंगति को सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
फिलहाल, अंबिका यदु के रिकॉर्ड में जेंडर की गलती कैसे हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इस बारे में आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है।