RAIGARH NEWS. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। पैतृक जमीन के मुआवजे में मिली लाखों रुपये की रकम शराब में खर्च करने और आए दिन मारपीट से परेशान पत्नी ने दो अपचारी बालकों के साथ मिलकर अपने पति की गला घोंटकर हत्या कर दी। इतना ही नहीं, आरोपियों ने घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए मृतक की कलाई की नस भी काट दी। पुलिस ने महिला और दोनों अपचारी बालकों को गिरफ्तार कर लिया है।
यह मामला पूंजीपथरा थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, दो दिन पहले मृतक गनपतीलाल भगत (50) के दामाद सोनसाय उरांव ने सूचना दी कि उसके ससुर का शव किराये के कमरे में पड़ा है। शव के गले में कपड़ा बंधा था और बाईं कलाई पर कट का निशान था। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध होने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई।
जांच के दौरान पुलिस का शक परिवार पर गया। पूछताछ में मृतक की पत्नी गंगाबाई भगत (45) ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि करीब एक वर्ष पहले गारे-पेलमा माइंस परियोजना के लिए उनकी पैतृक जमीन अधिग्रहित हुई थी। बंटवारे के बाद उसके पति को 25 से 30 लाख रुपये का मुआवजा मिला था, जिसे वह धीरे-धीरे शराब और अन्य खर्चों में उड़ा रहा था। पैसे को लेकर विवाद के साथ वह अक्सर पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट भी करता था।
महिला ने बताया कि 23 जुलाई की सुबह गनपतीलाल शराब के नशे में घर पहुंचा और परिवार के साथ मारपीट करने लगा। इससे तंग आकर उसने दो अपचारी बालकों के साथ मिलकर साड़ी और गमछे से उसका गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से ब्लेड से मृतक की बाईं कलाई की नस काट दी और शव को इस तरह छोड़ दिया कि मामला आत्महत्या प्रतीत हो। हालांकि, पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
पुलिस ने महिला और दोनों अपचारी बालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 238 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।