mukhyamantri kanya vivah yojana: रायपुर, 14 जून 2026। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के खड़गवां विकासखंड में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया में प्रसारित भ्रामक जानकारियों पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट की है। विभागीय अधिकारियों द्वारा की गई जांच में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता अथवा भ्रष्टाचार की पुष्टि नहीं हुई है तथा कार्यक्रम का संचालन शासन के निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं वित्तीय प्रावधानों के अनुरूप पाया गया है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 10 फरवरी 2026 को चनवारीडांड में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत कुल 184 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया था। योजना के अनुसार प्रति कन्या 50 हजार रुपये की सहायता राशि निर्धारित है।
अधिकारियों के अनुसार प्रति हितग्राही 50 हजार रुपये में से 35 हजार रुपये सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से अंतरित किए गए।
शेष राशि में से लगभग 8 हजार रुपये विवाह आयोजन, टेंट, साज-सज्जा एवं वर-वधू पक्ष के अतिथियों के भोजन की व्यवस्था पर व्यय किए गए।
वहीं लगभग *7 हजार रुपये की राशि से वैवाहिक सामग्री, वस्त्र, श्रृंगार सामग्री एवं अन्य आवश्यक सामग्री का क्रय शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों और वित्तीय सीमा के भीतर किया गया*।
विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन के पूर्व निर्देशों के अनुसार चांदी के मंगलसूत्र की अनिवार्यता पहले ही समाप्त की जा चुकी है। इसी कारण उपलब्ध बजट एवं स्वीकृत मानकों के अनुरूप सामग्री का क्रय किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम में सभी हितग्राहियों को निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। गुणवत्ता संबंधी शिकायत प्राप्त होने पर विभाग ने तत्काल जांच कर संबंधित फर्म के भुगतान में कटौती की तथा हितग्राहियों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई भी सुनिश्चित की।
विभागीय अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के सम्मानजनक विवाह हेतु संचालित एक महत्वपूर्ण सामाजिक योजना है, जिसका लाभ प्रदेश के हजारों परिवारों को मिल रहा है।
इस संबंध में *महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही एवं सुशासन के सिद्धांतों पर कार्य कर रही है।* किसी भी शिकायत की निष्पक्ष जांच कराना हमारी प्राथमिकता है। जांच में तथ्य सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि योजना का संचालन निर्धारित नियमों के अनुरूप किया गया था।
*मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना जैसी जनहितकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए संबल का कार्य कर रही हैं। आमजन से अपील है कि किसी भी जानकारी की सत्यता आधिकारिक तथ्यों एवं प्रमाणित स्रोतों के आधार पर ही परखें।*