Madhya Pradesh News ग्वालियर (मध्य प्रदेश): एक अनोखा और चर्चित मामला सामने आया है, जहां ग्वालियर खंडपीठ ने 19 वर्षीय युवती की मर्जी का सम्मान करते हुए उसे अपने प्रेमी के साथ रहने की अनुमति दे दी। साथ ही अदालत ने युवती को 6 महीने तक पुलिस सुरक्षा भी प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
अपने माता-पिता के साथ रहने से किया इनकार
युवती के पति ने हेबियस कॉर्पस याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी अपने प्रेमी अनुज के साथ अवैध रूप से रह रही है। सुनवाई के दौरान युवती खुद पुलिस के साथ अदालत पहुंची। कोर्ट में उसके माता-पिता, पति और प्रेमी अनुज भी मौजूद रहे। युवती ने अदालत को बताया कि वह बालिग है और अपनी पूरी मर्जी से प्रेमी अनुज के साथ रहना चाहती है। उसने पति और माता-पिता के साथ रहने से साफ इनकार कर दिया।
Madhya Pradesh News युवती ने कोर्ट में बताया कि उसके पति की उम्र उससे 21 साल ज्यादा है, जिस वजह से दोनों के बीच तालमेल नहीं बन पा रहा था। साथ ही उसने पति पर गलत व्यवहार करने के भी आरोप लगाए।कोर्ट के निर्देश पर युवती की काउंसलिंग भी कराई गई और उसे समझाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन वह अपने फैसले पर अड़ी रही। प्रेमी अनुज ने अदालत में आश्वासन दिया कि वह युवती का अच्छे से ख्याल रखेगा और उसे कभी प्रताड़ित नहीं करेगा।
कोर्ट ने क्या कहा?
Madhya Pradesh News अदालत ने कहा कि याचिका का उद्देश्य अब पूरा नहीं रह गया है। इसके बाद कोर्ट ने युवती को अपनी मर्जी से प्रेमी अनुज के साथ रहने की इजाजत दे दी। कोर्ट ने दोनों प्रेमी-प्रेमिका को ‘शौर्य दीदी’ सुरक्षा योजना के तहत 6 महीने तक सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।
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इस दौरान दो पुलिसकर्मी उनकी सुरक्षा में तैनात रहेंगे और युवती को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत होने पर तत्काल मदद करेंगे।यह फैसला बालिग व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सुरक्षा के अधिकार पर जोर देते हुए काफी चर्चा में है।




