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छत्तीसगढ़ राज्यसभा की दो सीटों के लिए तैयारी तेज: आज नामांकन पत्रों की होगी स्क्रूटनी, 16 मार्च को मतदान; BJP-कांग्रेस ने महिलाओं पर जताया भरोसा

Chhattisgarh Rajya Sabha Elections: छत्तीसगढ़ में राज्यसभा चुनाव के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं. राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही महिलाओं पर भरोसा पर जताया है. एक तरफ बीजेपी उम्मीदवार लक्ष्मी वर्मा ने नामांकन दाखिल कर दिया है. तो वहीं कांग्रेस प्रत्याशी फूलो देवी नेताम ने भी अपना नामांकन दाखिल किया. आज यानी शुक्रवार को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी होगी. 9 मार्च तक नाम वापस लेने की तिथि है. वहीं 16 मार्च को मतदान होगा. उसी दिन शाम 5 बजे के बाद मतगणना होगी और विजयी उम्मीदवारों के नाम घोषित किए जाएंगे.

राज्यसभा चुनाव जनता नहीं करती है वोट

Chhattisgarh Rajya Sabha Elections राज्यसभा चुनाव में कभी भी जनता सीधे सांसदों को नहीं चुनती है. इसमें सांसद अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं. जिस राज्य में राज्यसभा की सीटों के लिए चुनाव होना होता है. वहीं निर्वाचित विधायक सांसदों को चुनते हैं. बता दें कि राज्यसभा में किसी उम्मीदवार को जीतने के लिए कितने वोटों की आवश्यकता होती है, यह पहले से ही तय होता है.

छत्तीसढ़ में राज्यसभा सीट के लिए चाहिए कितने वोट

Chhattisgarh Rajya Sabha Elections राज्य के 90 विधायक मतदान करेंगे. इसके बाद हम कुल विधायकों की संख्या में (रिक्त सीटें + 1) से भाग देते हैं. इसके बाद जो भी उत्तर आता है. उसमें एक जोड़ देते हैं. इस तरह से 90 में 3 से भाग देने पर 30 की संख्या आती है. फिर उसमें एक जोड़ देते हैं, तो यह 31 हो जाती है. ऐसे में अगर छत्तीसगढ़ में किसी पार्टी को मौजूदा समय में राज्यसभा की सीट जीतनी है, तो उसे 31 विधायकों की जरूरत होगी. बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही एक-एक सीट बिना किसी परेशानी के जीत सकते हैं.

बीजेपी के पास हैं ज्यादा विधायक

छत्तीसगढ़ में 9 अप्रैल 2026 को राज्यसभा की दो सीटें रिक्त होंगी. राज्य के 90 विधायक मतदान करेंगे. विधानसभा में BJP के 54 विधायक, कांग्रेस के 35 और गोंगपा का 1 विधायक हैं. मतदान गोपनीय मतपत्र से कराया जाएगा. 16 मार्च को मतदान, शाम 5 बजे के बाद आएंगे नतीजे.

कौन हैं कांग्रेस प्रत्याशी फूलो देवी नेताम?

कांग्रेस प्रत्याशी फूलो देवी नेताम पहले से ही राज्यसभा सांसद हैं. 1998 में वो पहली बार केशकाल से विधायक बनीं. इसके बाद 2005 में वो बस्तर जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं. वो फरसगांव की जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुकी हैं.

Chhattisgarh Rajya Sabha Elections

दूसरी तरफ बीजेपी उम्मीदवार लक्ष्मी वर्मा पिछले 30 सालों से राजनीति रूप से सक्रिय हैं. वो संगठन में कई अहम पदों पर भी रही हैं.