Chhattisgarh News रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को वित्त निर्देश 29/2023 दिनांक 28/08/2023 के माध्यम से संचालक मंडल की 57 वी बैठक दिनांक 25 /09/2023 में बीज निगम में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को श्रम सम्मान निधि राशि रुपए 4000 प्रदान किए जाने की अनुमति प्रदान की गई। छत्तीसगढ़ शासन कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग मंत्रालय का पत्र क्रमांक 468/1858/14-1 दिनांक 15/03/2024 एवं बीज निगम मुख्यालय का आदेश क्रमांक14005 दिनांक 15/03/2023 के माध्यम से दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को यह राशि प्रदान की जा रही थी, बीज निगम के 62 कर्मचारियों को 8 माह की श्रम सम्मान निधि एरियर्स की राशि आप प्राप्त थी।
माह दिसंबर 2026 के वेतन से दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को प्राप्त होने वाली श्रम सम्मान निधि राशी रुपए 4000 की कटौती की गई। इस विषय में प्रबंध संचालक से पूछे जाने पर उनका जवाब यही है की यह राशि निगम मंडल में लागू नहीं है। प्रबंध संचालक का कहना है कि वित्त निर्देश अपूर्ण है मेरी चर्चा वित्त विभाग से हुई है उनका कहना है कि यह राशि श्रम सम्मान निधि निगम मंडलों में लागू नहीं। कोई लिखित आदेश प्रदान नहीं किया गया संघ के द्वारा अनेको बार मांगे जाने पर कोई भी आदेश जारी नहीं किया गया है। प्रबंध संचालक की तानाशाही एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के प्रति दमन आत्मक कार्यवाही को प्रकट करता है।
इसी चिंता से एक दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी श्री विनय कुमार निर्मलकर प्रक्रिया केंद्र रूआबांधा का अपने घर परिवार बच्चों की पढ़ाई लिखाई उनके पालन पोषण की चिंता में दिनांक 9 फरवरी 2026 को देहांत हो गया। संघ ने मृत कर्मचारियों के परिजनों को अंतिम संस्कार की व्यवस्था हेतु राशी रुपए 50000 की मांग की गई जिस पर प्रबंध संचालक का कहना है की दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के लिए कोई नियम नहीं है।
दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के प्रति प्रबंध संचालक के दमनात्मक एवं तानाशाही व्यवहार के विरोध में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ ने दिनांक 30 अप्रैल 2026 को मुख्यालय का घेराव किया। एवं 2 मई 2026 से 4 मई 2026 तक कार्यालय में काली पट्टी लगाकर विरोध प्रदर्शन किया एवं संघ की मांग को ना माने जाने पर दिनांक 5 में 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल एवं विरोध प्रदर्शन हेतु टूटा स्थित धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं।
आंदोलनरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के स्थान पर प्रबंध संचालक के निर्देशानुसार आउटसोर्सिंग से कर्मचारियों की व्यवस्था की जा रही है दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी का कहना है कि यदि प्रबंधन के पास आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को 15 से 17 हजार रुपये तक देने के लिए बजट उपलब्ध है, तो वर्षों से निगम की सेवा कर रहे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की 4000 रुपये की श्रम सम्मान निधि बहाल करने में आखिर समस्या क्या है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन बातचीत एवं समाधान की दिशा में कोई गंभीर पहल नहीं कर रहा, बल्कि आंदोलन को दबाने एवं कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का काम कर रहा है।
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प्रदेश के अधिकांश बीज भंडारण केंद्रों में कार्य प्रभावित हो चुका है। बीज उठाव एवं भंडारण व्यवस्था चरमरा गई है, लेकिन इसके बावजूद उच्च अधिकारियों को वास्तविक स्थिति से अवगत कराने के बजाय सब कुछ सामान्य दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। निगम की वर्तमान स्थिति के लिए पूरी तरह प्रबंधन की हठधर्मिता एवं प्रबंध संचालक की तानाशाही जिम्मेदार है।
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की दो सूत्रीय मांग :—
1- दिसंबर माह के वेतन से कटौती की गई 4,000/- रुपये श्रम सम्मान निधि राशि को पुनः निरंतर जारी करें एवं 1 अगस्त 2023 से मार्च 2024 तक के 65 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को एरियर्स की राशि प्रदान करें।
2 आकस्मिक मृत्यु पर रुपए 50,000/- सहायता राशि प्रदान करने — के विषय पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाए, जिससे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को अपने अधिकार, सम्मान एवं परिवार की सुरक्षा का विश्वास जागृत हो सके।




