Chhattisgarh News रायपुर/अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ कैडर के 2022 बैच के प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी एवं अंबिकापुर के सीएसपी राहुल बंसल पर एक साइबर फ्रॉड मामले को रफा-दफा करने के एवज में एक करोड़ रुपए से अधिक की रिश्वत मांगने और हवाला के जरिए रकम लेने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले से जुड़े कथित ऑडियो-वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है।
मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत में निजी शिकायत दाखिल की गई है। अदालत ने शिकायत पर कार्रवाई को लेकर छत्तीसगढ़ के डीजीपी और सीबीआई से Action Taken Report (ATR) मांगी है। अदालत के इस आदेश के बाद मामले को लेकर पुलिस विभाग में भी जांच तेज हो गई है।
रिश्वत के लिए हवाला चैनल इस्तेमाल करने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अंबिकापुर में दर्ज एक साइबर फ्रॉड केस को रफा-दफा करने के एवज में एक करोड़ रुपए से अधिक की रिश्वत मांगी गई। आरोप है कि इस रकम के लेनदेन के लिए हवाला चैनल का इस्तेमाल किया गया।
शिकायत में आईपीएस अधिकारी राहुल बंसल के साथ साइबर थाना सरगुजा में पदस्थ एएसआई और आरक्षक की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि तीनों ने कथित तौर पर मिलकर आपराधिक षड्यंत्र किया और रिश्वत के लेनदेन में भूमिका निभाई।
हालांकि, इन आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
वायरल ऑडियो-वीडियो में IPS अधिकारी का नाम आने का दावा
मामला सामने आने के बाद कथित बातचीत से जुड़े ऑडियो और वीडियो वायरल हुए हैं। वायरल ऑडियो में आईपीएस राहुल बंसल का नाम आने का दावा किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने इन रिकॉर्डिंग्स को भी मामले से जोड़ते हुए जांच की मांग की है।
हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक वायरल ऑडियो-वीडियो की प्रामाणिकता या उसमें हुई बातचीत की पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि रिकॉर्डिंग में बातचीत करने वाले लोग कौन हैं और उनकी वास्तविक भूमिका क्या है।
सीबीआई कोर्ट में क्या शिकायत की गई?
शिकायतकर्ता ने पूरे मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 7ए तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 308 और 351 के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। शिकायत के साथ शपथपत्र भी अदालत में प्रस्तुत किया गया है।
अदालत ने इस शिकायत पर संबंधित एजेंसियों से अब तक की कार्रवाई का ब्योरा मांगा है। DGP और CBI को ATR प्रस्तुत करनी होगी, जिससे यह स्पष्ट होगा कि शिकायत सामने आने के बाद पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसी की ओर से क्या कदम उठाए गए हैं।
साइबर फ्रॉड केस से जुड़ा है पूरा मामला
आईजी दीपक झा के मुताबिक साइबर थाने में एक फ्रॉड का मामला दर्ज है, जिसमें अलग-अलग राज्यों से अब तक 23 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मामला फिलहाल विवेचना में है।
इसी साइबर फ्रॉड मामले की विवेचना से जुड़े सीएसपी और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ सीबीआई कोर्ट में शिकायत की गई है। शिकायत में विवेचना की प्रक्रिया और कथित रिश्वत के लेनदेन को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
ASI और आरक्षक लाइन अटैच
मामला सामने आने के बाद आईजी दीपक झा ने साइबर थाना सरगुजा में पदस्थ एएसआई और आरक्षक को उनके वर्तमान कार्य से हटाकर लाइन अटैच कर दिया है।
आईजी के मुताबिक सीएसपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। वायरल ऑडियो की भी जांच हो रही है और बातचीत में शामिल बताए जा रहे लोगों की भूमिका के संबंध में तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
जांच में सामने आएगा सच
आईजी दीपक झा ने कहा है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। न्यायालय के निर्देशों के अनुसार भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस मामले में एक करोड़ रुपए से अधिक की रिश्वत मांगने, हवाला के जरिए रकम लेने और साइबर फ्रॉड केस को रफा-दफा करने के आरोप जांच के दायरे में हैं। राहुल बंसल समेत संबंधित पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं। वायरल ऑडियो-वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें सामने आने वाली बातचीत की वास्तविकता भी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।