Chhattisgarh Naxal Surrender छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. प्रशासन को बड़ी सफलता मिली है. बस्तर मंडल के दो जिलों में शनिवार (7 फरवरी) को 51 नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया.इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं. इन पर कुल 1.61 करोड़ रुपए का इनाम घोषित किया गया था.
बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम के मुताबिक यह आत्मसमर्पण ऐसे समय हुआ जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर में बस्तर पंडुम 2026 उत्सव का उद्घाटन किया, वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचे हैं. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में 34 महिलाएं शामिल हैं.
बीजापुर में 30 नक्सलियों का आत्मसमर्पण
Chhattisgarh Naxal Surrender जानकारी के मुताबिक बस्तर पुलिस की पूना मारगेम पुनर्वास पहल के तहत बीजापुर जिले में 30 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें 20 महिलाएं भी शामिल हैं. वहीं पड़ोसी सुकमा जिले में 14 महिलाओं समेत 21 अन्य नक्सली मुख्यधारा में शामिल हो गए. नक्सलियों के अनुसार वो राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से प्रभावित थे. उन्होंने मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन जीने की इच्छा जताई है.
Chhattisgarh Naxal Surrender
अब तक 300 नक्सलियों ने डाले हथियार
नक्सलवाद को खत्म करने की 31 मार्च, 2026 की समय सीमा नजदीक आने के साथ छत्तीसगढ़ में इस साल अब तक आत्मसमर्पण करने वालों की संख्या करीब 300 हो गई है. पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि नक्सलियों ने राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर यह कदम उठाया है.
नक्सलियों पर घोषित ता इनाम
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए 30 नक्सलियों में से बोटी पोडियम उर्फ मल्ला (23), सुखराम मदकम (24), और रीना पुणेम (25) शामिल हैं जिनपर 8-8 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था. वहीं 5 अन्य पर 5-5 लाख रुपए का इनाम था. 14 नक्सलियों पर 2-2 लाख और 8 अन्य पर 1-1 लाख रुपए का इनाम था. इन 30 नक्सलियों पर कुल मिलाकर 85 लाख रुपए का इनाम था.
सुकमा में माओवादियों के दरभा मंडल, दक्षिण बस्तर मंडल और कालाहांडी-कंधमाल-बौद्ध-नयागढ़ (केकेबीएन) मंडल (ओडिशा) के 21 नक्सलियों ने वरिष्ठ पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया.इनमें सोढ़ी महेश (35), पोडियम राजू (30) और करम ममता (30) शामिल हैं जिनपर 8-8 लाख रुपए का इनाम था.वहीं पांच अन्य सदस्यों पर 5-5 लाख रुपये, 12 अन्य पर 2-2 लाख रुपये और एक अन्य पर 3 लाख रुपये का इनाम था.
नक्सलियों ने जमा कराए हथियार
उन्होंने बताया कि सुकमा में नक्सलियों ने तीन एके-47 राइफल (8 मैगजीन के साथ), दो सेल्फ लोडिंग राइफल (दो मैगजीन के साथ), एक इंसास राइफल, पांच एक नली बंदूक, तीन बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (बीजीएल) (20 राउंड के साथ), दस जिलेटिन की छड़ें और 20 गैर-विद्युत डेटोनेटर भी जमा कराया है. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में से हर एक को तत्काल 50,000 रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई और सरकार की नीति के अनुसार उनका आगे पुनर्वास किया जाएगा.
आत्मसमर्पण करने की अपील
पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बताया कि सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षा शिविरों की स्थापना, बेहतर सड़क संपर्क, लगातार सफल नक्सल-विरोधी अभियानों और सरकार की विकास योजनाओं की प्रभावी पहुंच के कारण माओवादियों का आधार तेजी से सिकुड़ रहा है.उन्होंने शेष माओवादी कार्यकर्ताओं से आत्मसमर्पण करने की अपील करते हुए कहा कि हिंसा का मार्ग केवल विनाश, पीड़ा और अंधकार की ओर ले जाता है. उन्होंने कहा कि पूना मारगेम अभियान शांति, गरिमापूर्ण जीवन और एक उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करता है.इससे पहले 15 जनवरी को पड़ोसी बीजापुर जिले में 52 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था. छत्तीसगढ़ में 2025 में 1,500 से ज्यादा नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था.
मुख्यमंत्री ने कही ये बात
सुकमा और बीजापुर में नक्सलियों के आत्मसमर्पण पर सूबे के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह घटनाक्रम बस्तर क्षेत्र में शांति, विश्वास और विकास सुनिश्चित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है.उन्होंने कहा कि यह पिछले दो सालों में दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, संचार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ शांति बहाल करने के लिए सरकार के निरंतर प्रयासों का ठोस परिणाम है.




