BILASPUR NEWS. भिलाई नगर निगम के वार्ड क्रमांक 35 शारदापारा से निर्वाचित पार्षद मोहम्मद सलमान को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ने के आरोपों के मामले में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने उनकी रिट अपील खारिज कर दी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद पार्षद पद से उनकी बर्खास्तगी बरकरार रहेगी।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, वर्ष 2021 में भिलाई नगर निगम का वार्ड क्रमांक 35 शारदापारा अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षित था। मोहम्मद सलमान ने खुद को कुंजड़ा समुदाय का बताते हुए चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उन्हें 23 दिसंबर 2021 को निर्वाचन प्रमाण पत्र जारी किया गया था। चुनाव जीतने के बाद उनके जाति प्रमाण पत्र को लेकर शिकायतें सामने आईं। मामले की जांच अनुविभागीय अधिकारी, दुर्ग द्वारा की गई। जांच में जाति प्रमाण पत्र को लेकर गंभीर विसंगतियां सामने आने का उल्लेख किया गया। जांच में सलमान के नाम पर वैध जाति प्रमाण पत्र जारी होने का रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया।
6 मई 2024 को चली गई पार्षद की कुर्सी
जांच के आधार पर दुर्ग संभागायुक्त ने 6 मई 2024 को मोहम्मद सलमान को पार्षद पद से हटाने का आदेश जारी किया। इस आदेश के खिलाफ की गई अपील भी 4 सितंबर 2024 को खारिज हो गई।इसके बाद सलमान ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 3 अगस्त 2026 को उनकी याचिका खारिज करते हुए संभागायुक्त के बर्खास्तगी आदेश को बरकरार रखा।
डिवीजन बेंच में भी नहीं मिली राहत
सिंगल बेंच के फैसले से असंतुष्ट मोहम्मद सलमान ने डिवीजन बेंच के सामने रिट अपील दाखिल की। लेकिन यहां भी उन्हें राहत नहीं मिली।डिवीजन बेंच ने माना कि दुर्ग संभागायुक्त ने पार्षद की अयोग्यता को लेकर अपने अधिकार क्षेत्र में रहते हुए कार्रवाई की थी। कोर्ट को सिंगल बेंच के फैसले में भी ऐसी कोई त्रुटि नहीं मिली, जिसके आधार पर उसमें हस्तक्षेप किया जा सके। डिवीजन बेंच ने रिट अपील खारिज कर दी और मोहम्मद सलमान की बर्खास्तगी को बरकरार रखा। इस फैसले के बाद फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ने के आरोपों से जुड़े इस मामले में मोहम्मद सलमान को हाईकोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है।