BALRAMPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में सरकारी शराब दुकानों में बड़े वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है। कुसमी और वाड्रफनगर की शासकीय शराब दुकानों में करीब 17 लाख रुपये की वित्तीय गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। मामला सामने आने के बाद आबकारी विभाग में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि दोनों दुकानों में तैनात सेल्समैन ने रिकॉर्ड और बिक्री में गड़बड़ी कर इस रकम का घोटाला किया।
दरअसल, आबकारी विभाग की ओर से दुकानों का विभागीय ऑडिट कराया जा रहा था। इसी दौरान अधिकारियों ने दुकानों में मौजूद रिकॉर्ड, बिक्री और संबंधित दस्तावेजों का मिलान किया। जांच के दौरान रिकॉर्ड में दर्ज आंकड़ों और वास्तविक बिक्री के बीच बड़ा अंतर सामने आया। जब अधिकारियों ने मामले की पड़ताल की तो करीब 17 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई। इसके बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
मामला उजागर होने के बाद आबकारी विभाग ने कुसमी और वाड्रफनगर शराब दुकानों में तैनात दोनों सेल्समैन के खिलाफ संबंधित थानों में FIR दर्ज कराई है। हालांकि, FIR दर्ज होने के बाद से ही दोनों सेल्समैन फरार बताए जा रहे हैं। विभाग और पुलिस की ओर से दोनों की तलाश की जा रही है, लेकिन फिलहाल उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है। ऐसे में जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गड़बड़ी किस तरह की गई और इसमें कितने लोग शामिल थे।
वहीं, विभागीय जांच के दौरान दोनों दुकानों में काम करने वाले 8 अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई है। आबकारी विभाग ने एहतियातन इन सभी कर्मचारियों को संबंधित दुकानों से हटा दिया है। हालांकि, इन कर्मचारियों की भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है और विभाग रिकॉर्ड व अन्य दस्तावेजों को खंगाल रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इन कर्मचारियों की कथित वित्तीय गड़बड़ी में क्या भूमिका थी।
फिलहाल आबकारी विभाग पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है। रिकॉर्ड की दोबारा जांच के साथ वित्तीय लेन-देन और दुकान से जुड़े दस्तावेजों को भी खंगाला जा रहा है। वहीं, दोनों फरार सेल्समैन की तलाश भी की जा रही है। करीब 17 लाख रुपये की इस गड़बड़ी के सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकारी शराब दुकानों में इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता आखिर कैसे होती रही और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।