हाथों में जंजीर, कैदियों वाले कपड़े, पहन सड़कों पर उतरे हजारों शिक्षक, सरकार से कर रहे हैं एक ही मांग, जानिए पूरा मामला

B Ed Teachers Protest रायपुर: छत्तीसगढ़ में बीएड शिक्षक लंबे समय से अनशन कर रहे हैं। रविवार को बीएड शिक्षकों ने अनोखा प्रदर्शन किया है। शहीद दिवस के मौके पर शिक्षकों ने जंजीर बांधकर प्रदर्शन किया। हाथों में जंजीर, कैदियों वाले कपड़े, सामने तिरंगा थामे चलती दिखी भारत माता यह नजारा था बीएड शिक्षकों के प्रदर्शन का। इस दौरान शिक्षकों ने जमकर नारेबाजी करते हुए सरकार से न्याय की मांग की।
B Ed Teachers Protest रविवार को बीएड शिक्षकों ने रायपुर बस स्टैंड से टिकरापारा शहीद भगत सिंह की प्रतिमा तक पैदल मार्च निकाला। शहीद दिवस पर भगत सिंह को याद करते हुए उन्होंने सरकार से अपनी मांगे पूरी करने के नारे लगाए। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी शिक्षक शामिल थे।
अनोखे तरीके से प्रदर्शन
B Ed Teachers Protest अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे शिक्षक हर दिन अनोखे अंदाज में प्रदर्शन कर रहे हैं। शिक्षकों ने अपने हक के लिए सामूहिक उपवास, मशाल जुलूस, मुंडन, खूव से खत लिखने और ज्ञापन देकर अपना विरोध दर्ज कराया है।
क्या है बीएड शिक्षकों की मांग
B Ed Teachers Protest दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश के हजारों बीएड प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों को नौकरी से निकाल दिया गया। अब शिक्षक राज्य सरकार से मांग कर रहे हैं कि उन्हें समायोजित किया जाए। अपनी मांग को लेकर शिक्षक 8 मार्च से नवा रायपुर में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। शिक्षक इससे पहले भी प्रदर्शन कर चुके हैं लेकिन नगरीय निकाय चुनाव के लिए आचार संहिता को घोषणा होने के बाद उन्होंने अपना धरना स्थगित कर दिया था।
शिक्षकों का कहना है अयोग्य ठहराना गलत
शिक्षकों की यह मांग है कि, सरकार बीएड धारकों को प्राथमिक शिक्षक के पद पर भर्ती किया था, अब उन्हें अयोग्य ठहराना गलत है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राज्य सरकार के पास अधिकार है कि वह इन शिक्षकों को अन्य पदों पर समायोजित करे। हालांकि इस मामले में कमेटी गठित की गई लेकिन अभी तक कमेटी की रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है। जिसे लेकर शिक्षक लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।