CHHATTISGARH NEWS. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार दीपावली का त्योहार छत्तीसगढ़ के बस्तर में देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के साथ मनाएंगे। प्रधानमंत्री के इस दौरे को लेकर क्षेत्र में खास उत्साह है। पीएम मोदी ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट कर अपने बस्तर दौरे की जानकारी साझा की। इस दौरान उन्होंने नक्सलवाद के प्रभाव से बाहर निकल रहे बस्तर में आए बदलाव का भी जिक्र किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “दीपावली के पावन अवसर पर बस्तर जा रहा हूं। कल तक जहां नक्सलियों का कहर था, वहां आज विकास की बहार है। वीर जवानों, उनके बलिदान, त्याग और तपस्या को नमन करने जा रहा हूं।”
Heading to Bastar to celebrate Diwali with our brave security forces.
This is an area where Naxalism once held sway and now, development is flourishing.
I am going to salute our brave security personnel for their sacrifices, selfless service and unwavering devotion to the nation.
दीपावली के पावन अवसर पर बस्तर जा रहा हूं।
कल तक जहां नक्सलियों का कहर था वहां आज विकास की बहार है।
वीर जवानों, उनके बलिदान, त्याग और तपस्या को नमन करने जा रहा हूं।
— Narendra Modi (@narendramodi) November 8, 2026
जवानों के साथ दिवाली मनाने की परंपरा रखेंगे जारी
पीएम मोदी ने इससे पहले इंस्टाग्राम पर जारी अपने संदेश में कहा था कि वह हर भारतीय की तरह दीपावली का त्योहार पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाते हैं। हालांकि, उनकी एक खास परंपरा रही है कि इस पावन अवसर पर वह देश की सीमाओं और सुरक्षा में तैनात जवानों के बीच पहुंचकर उनके साथ त्योहार मनाते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस साल भी वह अपनी इस परंपरा को जारी रखेंगे। इसी कड़ी में उन्होंने छत्तीसगढ़ के बस्तर को चुना है, जहां वह सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दीपावली मनाकर उनके साहस, समर्पण और राष्ट्रसेवा को सम्मान देंगे।
कभी नक्सलवाद का गढ़ था बस्तर, अब विकास की नई तस्वीर
एक समय बस्तर देश के सबसे अधिक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में गिना जाता था। यहां नक्सलियों का प्रभाव इतना अधिक था कि कई इलाकों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाना बड़ी चुनौती माना जाता था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों के लगातार अभियानों और सरकार की विकास योजनाओं से स्थिति में बदलाव देखने को मिला है।
क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाओं का विस्तार हुआ है। वहीं, सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई और पुनर्वास नीतियों के चलते कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण भी किया है।
जिन इलाकों में कभी नक्सलियों का दबदबा था, वहां अब विकास परियोजनाएं पहुंच रही हैं। स्थानीय लोगों की भागीदारी भी बढ़ रही है। केंद्र सरकार इस बदलाव को बस्तर में शांति स्थापित करने और विकास को गति देने की दिशा में बड़ी उपलब्धि के रूप में देखती है।
पीएम मोदी का जवानों के साथ बस्तर में दीपावली मनाने का फैसला सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान और नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में उनके योगदान को सलाम करने का एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।