AMBIKAPUR NEWS. जिस बेटी को माता-पिता ने महज पांच महीने पहले धूमधाम से दुल्हन बनाकर ससुराल विदा किया था, आज उसी बेटी की अर्थी उठने से परिवार में मातम पसरा हुआ है। सरगुजा के मैनपाट में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मृतका की पहचान वर्षा यादव के रूप में हुई है, जो सूरजपुर के प्रगतिनगर की रहने वाली थी। वर्षा की शादी इसी साल 1 मई 2026 को मैनपाट निवासी अजय यादव के साथ हुई थी। परिजनों का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में सबकुछ ठीक था, लेकिन करीब दो महीने बाद वर्षा को ससुराल में कथित तौर पर प्रताड़ित किया जाने लगा। मायके पक्ष ने मारपीट और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। इतना ही नहीं, परिजनों का आरोप है कि वर्षा ने खुद जहर का सेवन नहीं किया, बल्कि उसे जबरन जहर पिलाया गया। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
शादी के दो महीने बाद शुरू हुई परेशानी, परिजनों का आरोप
परिजनों के मुताबिक वर्षा की शादी पूरे रीति-रिवाज और धूमधाम के साथ हुई थी। शादी के बाद शुरुआती कुछ समय तक सबकुछ सामान्य रहा। लेकिन करीब दो महीने बाद मायके वालों को वर्षा की परेशानियों की जानकारी मिलने लगी।मायके पक्ष का आरोप है कि ससुराल में वर्षा को लगातार परेशान किया जाता था। उसके साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना किए जाने की बात भी परिजनों ने कही है। परिवार का कहना है कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि शादी के महज पांच महीने बाद ही उन्हें अपनी बेटी की अर्थी देखनी पड़ेगी।
18 सितंबर को अचानक बिगड़ी तबीयत
बताया जा रहा है कि 18 सितंबर को वर्षा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। ससुराल पक्ष की ओर से मायके वालों को जानकारी दी गई कि वर्षा की हालत खराब है और उसे इलाज के लिए मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी मिलते ही मायके के लोग अस्पताल पहुंचे। उस समय वर्षा कथित तौर पर बेहोशी की हालत में थी और उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पांच महीने पहले जिस बेटी को माता-पिता ने खुशी-खुशी विदा किया था, उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
मायके वालों ने लगाए गंभीर आरोप
वर्षा की मौत के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका के पिता उमेश यादव का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही उनकी बेटी को ससुराल में प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि वर्षा ने खुद जहर नहीं खाया, बल्कि उसे जबरन जहर पिलाया गया। इसके अलावा मृतका के शरीर पर चोट के निशान होने की बात भी मायके पक्ष की ओर से कही गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
प्रशासन ने दर्ज किए परिजनों के बयान
नवविवाहिता की मौत के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नायब तहसीलदार जयेश कंवर ने मृतका के परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ससुराल पक्ष का पक्ष सामने आना बाकी
इस मामले में फिलहाल ससुराल पक्ष की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में मायके पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।