PAPER LEAK CASES नई दिल्ली: पेपर लीक मामले और जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके।
प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश देने की भी बात कही।
राहुल गांधी ने साधा निशाना
प्रधानमंत्री के बयान के कुछ ही देर बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने X पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान मौजूदा सरकार ने पहुंचाया है।
You are the one who has harmed the future of our youth the most.
You allowed and encouraged the total capture and destruction of our education system – and protected every person responsible for it.
The students’ demands are clear:
1. Sack Dharmendra Pradhan.
2. Apologise to… https://t.co/0MK4wPMNiK— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 23, 2026
राहुल गांधी ने लिखा, “आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। आपने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर होने दिया और इसके जिम्मेदार लोगों को संरक्षण दिया।”
छात्रों की तीन प्रमुख मांगें
राहुल गांधी ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए तीन प्रमुख मांगें दोहराईं—
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए।
- छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए।
- प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
CJP ने भी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री के पोस्ट के बाद छात्र संगठन CJP ने भी X पर उनकी तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “प्रधानमंत्री जी, इस्तीफा दो।”
जंतर-मंतर पर जारी है आंदोलन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र संगठन CJP पिछले कई दिनों से NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल ही में विपक्ष के कई नेताओं, जिनमें राहुल गांधी भी शामिल थे, ने इस मुद्दे को लेकर दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था।
पहली बार बनेंगे पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट
देश में अब तक पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होती रही है, जिसके कारण फैसले आने में लंबा समय लग जाता था। प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद पहली बार ऐसे मामलों के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
PM MODI PAPER LEAK CASES फास्ट ट्रैक कोर्ट का रिकॉर्ड
केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, रेप और POCSO मामलों की सुनवाई के लिए स्थापित फास्ट ट्रैक कोर्ट ने वर्ष 2019 से 2025 के बीच 3.06 लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया है। इन अदालतों का डिस्पोजल रेट 96.28% रहा है। हालांकि, नए मामलों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण 2025 के अंत तक 2.45 लाख से अधिक मामले लंबित थे, जबकि 2024 के अंत में यह संख्या 2.04 लाख थी।