RAIGARH NEWS रायगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित सट्टा सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 31 लाख 99 हजार 700 रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और एक नोट गिनने की मशीन जब्त की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी आईपीएल फाइनल मैच के दौरान ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहे थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार रायगढ़ जिले में पिछले कुछ समय से अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि खरसिया क्षेत्र में कुछ लोग ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहे हैं। सूचना के आधार पर साइबर थाना और खरसिया चौकी की संयुक्त टीम ने गंज बाजार स्थित गगन अग्रवाल और शुभम अग्रवाल के घर पर दबिश दी।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने की बात स्वीकार कर ली। उन्होंने इस अवैध कारोबार में शामिल अपने अन्य साथियों रिकेश राय, साहिल अग्रवाल और अर्जुन राठौर के नाम भी पुलिस को बताए।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने साहिल अग्रवाल के घर पर भी छापा मारा। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही साहिल अग्रवाल मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि वह अपने पीछे दो बैग और एक नोट गिनने की मशीन छोड़कर भाग निकला। जब पुलिस ने बैगों की तलाशी ली तो उनमें से करीब 32 लाख रुपये नकद बरामद हुए। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की।
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी एक संगठित नेटवर्क के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहे थे। आईपीएल फाइनल जैसे बड़े मुकाबलों के दौरान यह गिरोह बड़े पैमाने पर सट्टेबाजी का कारोबार कर रहा था। पुलिस को संदेह है कि इस नेटवर्क के तार अन्य जिलों और राज्यों तक भी जुड़े हो सकते हैं।
पुलिस ने इस मामले में पांचों आरोपियों के खिलाफ जुआ प्रतिषेध अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है, जबकि फरार तीन आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है।
रायगढ़ पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध सट्टेबाजी और साइबर अपराधों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




