मध्यप्रदेश : राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र के सालरी गांव में एक शादी समारोह उस समय अचानक चर्चा का विषय बन गया, जब प्रशासन ने बारात रवाना होने से पहले बाल विवाह की कोशिश को नाकाम कर दिया। शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और घर में जश्न का माहौल था, लेकिन प्रशासनिक टीम की कार्रवाई से खुशी का माहौल पलभर में तनाव में बदल गया।
हल्दी-मेहंदी के बीच पहुंची प्रशासनिक टीम
गुरुवार रात से गांव में शादी की रस्में धूमधाम से चल रही थीं। घर में टेंट लगा था, रिश्तेदार और मेहमान शादी समारोह में शामिल थे। दूल्हे के हाथों में मेहंदी लग चुकी थी और हल्दी की रस्म भी पूरी हो गई थी। शुक्रवार सुबह मेहमान भोजन कर रहे थे और बारात की अंतिम तैयारियां चल रही थीं, तभी अचानक प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की टीम गांव पहुंच गई।
शिकायत के बाद हुई उम्र की जांच
ग्रामीणों ने दूल्हे की उम्र को लेकर एसडीएम अंकिता जैन से शिकायत की थी। मामला कलेक्टर तक पहुंचने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस और अहिंसा वेलफेयर सोसाइटी की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। दस्तावेजों की जांच में दूल्हे की उम्र कानूनी सीमा 21 वर्ष से करीब 7 महीने कम पाई गई। इसके बाद अधिकारियों ने तुरंत विवाह रुकवा दिया।
भंडारे के विवाद से खुला मामला
जानकारी के मुताबिक गांव के हनुमान मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन चल रहा था और उसी स्थान के पास शादी समारोह भी आयोजित था। जगह को लेकर विवाद की स्थिति बनने पर पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने अधिकारियों को दूल्हे की कम उम्र की जानकारी दी, जिसके बाद पूरी जांच शुरू हुई।
परिवार ने लिखित में रद्द की शादी
प्रशासनिक टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार किया और दूल्हे व उसके परिवार को खिलचीपुर थाने ले जाया गया। थाना प्रभारी कमल सिंह गहलौत के सामने परिवार ने लिखित में शादी निरस्त करने की सहमति दी। परिजनों ने आश्वासन दिया कि युवक की उम्र 21 वर्ष पूरी होने के बाद ही विवाह कराया जाएगा।
तीन दिन तक पुलिस रखेगी निगरानी
पुलिस प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि चोरी-छिपे या किसी अन्य स्थान पर शादी कराने की कोशिश की गई, तो दूल्हे, उसके परिवार और समारोह में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले को देखते हुए पुलिस अगले तीन दिनों तक परिवार पर विशेष नजर रखेगी।




