प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा, सुविधा और सरकारी खर्च में कटौती को लेकर एक नई पहल की है। देशवासियों से ईंधन बचाने की अपील करने के बाद अब उन्होंने अपने काफिले को सिर्फ दो गाड़ियों तक सीमित कर दिया है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और संभावित ऊर्जा संकट को देखते हुए पीएम मोदी ने नेताओं से भी अपने काफिलों में वाहनों की संख्या कम करने का आग्रह किया था।
बुधवार को सामने आए एक वीडियो में प्रधानमंत्री एक कार में सफर करते नजर आए, जबकि दूसरी गाड़ी में एसपीजी के जवान मौजूद थे। सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करते हुए उनकी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इससे पहले कैबिनेट बैठक में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री के काफिले में भी केवल चार गाड़ियां दिखाई दी थीं।
आमतौर पर प्रधानमंत्री की सुरक्षा एसपीजी के जिम्मे होती है और उनके काफिले में 12 से 15 वाहन शामिल रहते हैं। इनमें दिल्ली पुलिस की पायलट कार, एसपीजी और एनएसजी कमांडो की गाड़ियां, जैमर वाहन, एंबुलेंस और अन्य सुरक्षा वाहन शामिल होते हैं। पायलट कार आधुनिक उपकरणों से रास्ते और संभावित खतरों की जांच करती है।
इससे पहले हैदराबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने पेट्रोल और डीजल की बचत पर जोर दिया था। उन्होंने लोगों से ईंधन का सोच-समझकर इस्तेमाल करने और एक साल तक सोने की खरीदारी से बचने की अपील भी की थी। पीएम की इस पहल के बाद केंद्र सरकार के कई मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी अपने काफिलों में वाहनों की संख्या घटा दी है।




