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पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं महिला के ‘फेक एआई वीडियो’ पर महिला आयोग ने लिया स्वत: संज्ञान

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े कथित ‘फेक’ और AI आधारित आपत्तिजनक वीडियो के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इस प्रकरण को बेहद गंभीर और संवेदनशील बताते हुए कहा कि यह न केवल एक सार्वजनिक व्यक्तित्व की छवि धूमिल करने का प्रयास है, बल्कि इसमें महिला गरिमा को भी ठेस पहुंची है।

क्या है मामला?

27 अप्रैल को प्रकाशित एक समाचार के आधार पर आयोग ने कार्रवाई शुरू की। खबर में दावा किया गया था कि आधुनिक तकनीक, खासकर Artificial Intelligence का दुरुपयोग कर पूर्व मुख्यमंत्री और एक महिला से जुड़ा आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है, जिससे समाज में भ्रामक संदेश फैल रहा है।

पुलिस और साइबर सेल को निर्देश

आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन और साइबर सेल को सख्त निर्देश जारी किए हैं:

तकनीकी जांच: साइबर सेल को वीडियो के स्रोत का पता लगाने और इसे फैलाने वाले लोगों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं।

FIR दर्ज करने के आदेश: दुर्ग जिले के पुलिस अधीक्षक को तत्काल मामला दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया है।

समय सीमा तय: पूरी जांच और कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट 7 दिनों के भीतर आयोग को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

महिला सम्मान पर सख्त रुख

महिला आयोग ने कहा कि डिजिटल माध्यमों के जरिए किसी की छवि खराब करना और महिलाओं की गरिमा के साथ खिलवाड़ करना गंभीर अपराध है। आयोग ने चेतावनी दी है कि इस तरह के कृत्यों में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Women’s Commission

आयोग ने दोहराया कि प्रदेश में महिलाओं के सम्मान और डिजिटल सुरक्षा की रक्षा के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध है।