UTTAR PRADESH NEWS. उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब बिना अनुमति YouTubers और सोशल मीडिया से जुड़े लोगों की एंट्री आसान नहीं होगी। अयोध्या के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) लाल चंद्र ने बुधवार को आदेश जारी कर स्कूलों में बाहरी लोगों के फोटो लेने और वीडियो बनाने पर रोक लगा दी।
BSA के मुताबिक, कुछ लोग बिना अनुमति स्कूल पहुंचकर शिक्षकों और स्टाफ के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे थे। इससे कक्षाओं में व्यवधान पैदा होने के साथ पढ़ाई का माहौल भी प्रभावित हो रहा था। अधिकारियों ने छात्रों की सुरक्षा और शिक्षकों की गरिमा को भी आदेश की प्रमुख वजह बताया है।
कई जिलों में जारी हो चुके हैं आदेश
अयोध्या से पहले आजमगढ़, बलिया, बस्ती, बलरामपुर, शामली और आगरा में भी इसी तरह के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। आगरा में करीब 2,400 सरकारी स्कूलों को लेकर आदेश जारी हुआ है। अधिकारियों ने कुछ मामलों में शिक्षकों को परेशान करने और ब्लैकमेल किए जाने की शिकायतों का भी जिक्र किया। बलरामपुर के BSA विकास चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ लोग स्कूल में वीडियो बनाने की अनुमति इसलिए मांग रहे थे, क्योंकि उनके वीडियो को पर्याप्त व्यूज नहीं मिल रहे थे। उनका दावा था कि वे व्यूज बढ़ाकर 7 लाख तक पहुंचाना चाहते हैं।
क्या मीडिया पर भी पूरी तरह रोक?
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आदेश का मतलब मीडिया या हर बाहरी व्यक्ति पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना नहीं है। उद्देश्य स्कूलों में प्रवेश को व्यवस्थित करना और पढ़ाई का माहौल बनाए रखना है। स्कूलों की जांच और निगरानी के लिए विभागीय अधिकारी पहले से नियुक्त हैं।
‘स्कूल ठीक करो अभियान’ से भी जोड़ा जा रहा मामला
इन आदेशों की चर्चा महाराष्ट्र के ‘स्कूल ठीक करो अभियान’ के बीच भी हो रही है। CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने 15 अगस्त को महाराष्ट्र के हिंगोली स्थित अपने गांव से इस अभियान की शुरुआत की थी। उन्होंने सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने और छात्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत पर जोर दिया था।