PENALTY ON GODREJ PROPERTIES रायपुर। देश की नामी कंपनी गोदरेज प्रॉपर्टीज की डोमा में बेशकीमती जमीन की खरीदी-बिक्री पर छत्तीसगढ़ रेरा ने पिछले साल रोक लगाई थी। प्रोजेक्ट पर बैन के बावजूद कंपनी के कर्मचारी लगातार प्लॉट बेचने के लिए सोशल मीडिया में प्रचार-प्रसार कर रहे थे। इसी साल कंपनी के एजेंटों को ब्लैक लिस्ट करने के साथ ही उन्हें इस काम से रोका गया था। इसके बावजूद कंपनी का प्लॉट बेचने के लिए प्रचार-प्रसार जारी रहा। इसकी शिकायत जैसे ही छत्तीसगढ़ रेरा में पहुंची अफसरों ने इसे गंभीरता से लिया। रेरा अध्यक्ष संजय शुक्ला ने मामले की सुनवाई के बाद गोदरेज कंपनी पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। कंपनी को 45 दिन के भीतर यह रकम जमा करनी होगी।
PENALTY ON GODREJ PROPERTIES गोदरेज प्रॉपर्टी लिमिटेड ने डोमा में गोदरेज प्रॉपर्टीज रेजीडेंशियल प्लॉट्स योजना लॉन्च की है। इस प्रोजेक्ट पर रेरा के बैन के बावजूद सोशल मीडिया में प्लॉट्स 1000 वर्गफीट मूल्य 44 लाख, प्लॉट्स 1250 वर्गफीट मूल्य 55 लाख और प्लॉट्स 1500 वर्गफीट मूल्य 65 लाख में बेचने का विज्ञापन जारी किया। कंपनी की ओर से दावा किया गया कि यह प्रोजेक्ट 50 एकड़ में लाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ रेरा अधिनियम के अनुसार रेरा में बिना पंजीयन के किसी भी प्रोजेक्ट की खरीदी-बिक्री नहीं हो सकती है। गोदरेज प्रॉपर्टी के प्रोजेक्ट को अभी तक रेरा से पंजीयन नंबर जारी नहीं किया गया है। इसके बावजूद कंपनी बिना किसी खौफ के जमीन बेचने का प्रचार कर रहे थे। सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म में इसका विज्ञापन जारी किया गया था। इस पर रेरा की ओर से नोटिस भी जारी किया गया था।
PENALTY ON GODREJ PROPERTIES सोशल मीडिया में जानबूझकर गोदरेज के नाम का इस्तेमाल रेरा की नोटिस के बाद कंपनी ने अपने जवाब में कहा कि वो 50.03 एकड़ जमीन का पूर्ण और वैध स्वामी है। डोमा में खसरा नंबर-213/2, 213/125, 15016, 15017/1, 15017/2, 15017/ में उनकी जमीन है। लेकिन अभी तक किसी भी प्लॉट की बिक्री या बुकिंग नहीं की गई है। सोशल मीडिया में जानबूझकर गोदरेज के नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है। कंपनी का पक्ष सुनने के बाद रेरा अध्यक्ष संजय शुक्ला ने फैसला दिया कि कंपनी ने विज्ञापन जारी कर अधिनियम की धारा-3 का उल्लंघन किया है। रेरा में पंजीयन कराए बिना प्रोजेक्ट का प्रचार-प्रसार करना अधिनियम की धारा-3 (1) का उल्लंघन है। अधिनियम की धारा-59 के अधीन दण्डनीय भी है। इसलिए कंपनी पर 10 लाख का जुर्माना लगाया जाता है। इसके साथ ही प्रस्तावित प्रोजेक्ट में रेरा में पंजीयन होने तक खरीदी-बिक्री पर रोक लगाई जाती हैं। जुर्माने की रकम 45 दिन के भीतर देना होगा। जुर्माने की रकम का भुगतान नहीं होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
PENALTY ON GODREJ PROPERTIES सोशल मीडिया में कर रहे थे प्रचार
गोदरेज कंपनी की प्रॉपर्टी पर रेरा की रोक बावजूद प्लॉट बेचने सोशल मीडिया में प्रचार-प्रसार किया गया। इस वजह से सुनवाई के बाद रेरा अध्यक्ष ने 10 लाख का जुर्माना कंपनी पर लगाया है। प्रोजेक्ट की जमीन पर खरीदी-बिक्री पर भी रोक लगाई गई है।
आस्था राजपूत, रजिस्ट्रार छत्तीसगढ़ रेरा