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छत्तीसगढ़ को पहली 6-लेन की सौगात: रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर हो रहा तैयार, जानिए खासियत

Raipur–Visakhapatnam Expressway: छत्तीसगढ़ का पहला 6-लेन मार्ग तैयार हो रहा है. यह छत्तीसगढ़ का पहला 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर होगा, जो रायपुर को सीधे विशाखापत्तनम पोर्ट से जोड़ेगा. इसकी खास बात ये है कि जंगलों के ऊपर से गाड़ियां गुजरेंगी. दावा किया जा रहा है कि रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर राज्य की किस्मत बदल देगा.

यात्रा का समय हो जाएगा कम 

Raipur–Visakhapatnam Expressway राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर को एक महत्वाकांक्षी परियोजना बताया है, जिससे न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि आर्थिक विकास को गति मिलेगी और वन्यजीव संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाएगा.  करीब 464 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर को छत्तीसगढ़ का पहला 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे बताया जा रहा है.

Raipur–Visakhapatnam Expressway

इस परियोजना पर लगभग 16,491 करोड़ रुपये की लागत आएगी. इसके पूरा होने के बाद रायपुर से विशाखापत्तनम की यात्रा का समय घटकर लगभग 7 घंटे रह जाएगा, जिससे लॉजिस्टिक्स, व्यापार और उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा. अभी रायपुर से विशाखापत्तनम जाने में 12-14 घंटे लगते हैं. माना जा रहा है इस साल ये मार्ग बनकर तैयार हो जाएगा.

तीन राज्यों को जोड़ेगा

Raipur–Visakhapatnam Expressway NHAI के अनुसार यह कॉरिडोर छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगा. साथ ही यह विशाखापत्तनम पोर्ट और चेन्नई-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधा संपर्क प्रदान करेगा. इससे माल परिवहन तेज होगा और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे. यह एक्सप्रेसवे धमतरी, कांकेर, बस्तर और कोंडागांव जैसे आदिवासी और पिछड़े इलाकों से होकर गुजरेगा, जिससे इन क्षेत्रों को बाजार, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिलेगी.

वन्यजीव संरक्षण पर विशेष जोर

परियोजना में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए कई वन्यजीव-अनुकूल संरचनाएं शामिल की गई हैं. इनमें एनिमल ओवरपास, एनिमल अंडरपास और मंकी कैनोपी जैसी सुविधाएं शामिल हैं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में वन्यजीवों की मृत्यु को रोका जा सके.इसके अलावा, दुर्घटनाओं को कम करने के लिए ट्रैफिक इम्पैक्ट एटेनुएटर्स लगाए जाएंगे, जिससे इंसानों और जानवरों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. इस परियोजना की एक बड़ी खासियत उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) के इको-सेंसिटिव जोन और टाइगर कॉरिडोर में प्रस्तावित 2.79 किलोमीटर लंबी 6-लेन ट्विन-ट्यूब टनल है. यह छत्तीसगढ़ में अपनी तरह की पहली परियोजना होगी, जिससे जंगल और वन्यजीवों को बिना नुकसान पहुंचाए परिवहन संभव हो सकेगा.