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नगरीय निकाय प्लेसमेंट कर्मचारी महासंघ की बैठक: चार श्रम संहिताओं के छत्तीसगढ़ में शीघ्र क्रियान्वयन की मांग, अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

रायपुर। केंद्र सरकार द्वारा पूरे देश में चार प्रमुख श्रम संहिताओं को एकीकृत कर लागू करने के आदेश जारी करने के बावजूद छत्तीसगढ़ राज्य में इनके क्रियान्वयन पर अभी तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिलने से नगरीय निकायों में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।

केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से इन संहिताओं को प्रभावी बनाने का प्रस्ताव रखा है। इनमें शामिल हैं- वेतन संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यस्थल परिस्थितियाँ संहिता 2020। इनका मुख्य उद्देश्य श्रमिकों को उचित वेतन, सामाजिक सुरक्षा, कार्यस्थल पर सुरक्षा, रोजगार स्थिरता, पेंशन, बीमा तथा अन्य हितैषी सुविधाएं प्रदान करना है।

इसी परिप्रेक्ष्य में छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय प्लेसमेंट कर्मचारी महासंघ ने आज रायपुर में अपनी महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में प्रदेश के समस्त पदाधिकारियों ने भाग लिया और राज्य में इन चारों श्रम संहिताओं को शीघ्र लागू कराने के लिए भविष्य की रणनीति तैयार की।महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के नगरीय निकायों में कार्यरत लगभग 20,000 प्लेसमेंट कर्मचारियों को भी इन नई संहिताओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उन्हें जॉब गारंटी, पेंशन, बीमा तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं सुनिश्चित हो सकेंगी।

महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि यदि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार केंद्र द्वारा जारी इन चारों श्रम संहिताओं को शीघ्र लागू नहीं करती है, तो प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में कार्यरत लगभग 20,000 प्लेसमेंट कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने को बाध्य होंगे। इस संबंध में विस्तृत रणनीति तैयार की जा रही है।

महासंघ का मानना है कि श्रमिकों को इन महत्वपूर्ण श्रम संहिताओं के लाभ से वंचित रखना उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन होगा।महासंघ ने राज्य शासन से मांग की है कि चारों श्रम संहिताओं के क्रियान्वयन के लिए तुरंत आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि प्रदेश के हजारों प्लेसमेंट कर्मचारियों को उनका विधिसम्मत अधिकार मिल सके और उनकी समस्याओं का समाधान हो।

बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आगे आंदोलन तेज किया जाएगा। महासंघ ने सभी प्लेसमेंट कर्मचारियों से एकजुट रहने की अपील की है।