रायपुर। राजधानी रायपुर में नगर निगम से जुड़ा एक विवाद सामने आया है। जोन क्रमांक-4 की जोन आयुक्त के वाहन चालक के साथ कथित मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में जोन अध्यक्ष के बेटे अनिल शर्मा के खिलाफ सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नगर निगम कार्यालय में हुई घटना
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता योगेंद्र साहू नगर निगम रायपुर के जोन क्रमांक-4 में जोन आयुक्त के वाहन चालक के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि 30 जुलाई 2026 की शाम करीब 4:30 बजे नगर निगम कार्यालय में उनके साथ यह घटना हुई।
शिकायत के मुताबिक, आरोपी अनिल शर्मा ने उन्हें अपने पास बुलाकर पूछा, “तू ही मैडम का ड्राइवर है?” इसके बाद कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज की गई। विरोध करने पर आरोपी ने हाथ-मुक्कों से मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
सिर और कलाई में चोट लगने का दावा
योगेंद्र साहू का आरोप है कि मारपीट के दौरान उनके सिर और हाथ की कलाई में चोटें आईं। घटना के बाद उन्होंने सिटी कोतवाली थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रथम दृष्टया मामला दर्ज करते हुए आरोपी अनिल शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 115(2) और 351(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है। शिकायतकर्ता सहित अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी विवाद में रहने का आरोप
शिकायतकर्ता पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी पहले भी नगर निगम के एक कर्मचारी के साथ विवाद और मारपीट की घटना में शामिल रहा है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस दावे की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जा सकेगी।
कर्मचारियों में नाराजगी, जांच पर सबकी नजर
घटना के बाद नगर निगम कर्मचारियों के बीच नाराजगी और चर्चा का माहौल है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों के साथ इस तरह की घटनाएं चिंताजनक हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं, जोन अध्यक्ष के परिवार से जुड़े व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद इस मामले पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की भी नजर बनी हुई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.