RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आधी रात दुकानों में तोड़फोड़ का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पंडरी इलाके में कुछ लोग कथित तौर पर नगर निगम के कर्मचारी बनकर पहुंचे और दुकानों को तोड़ना शुरू कर दिया। हैरानी की बात यह है कि उनके साथ तोड़फोड़ करने वाली मशीनें भी थीं। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। दुकानदारों ने मौके पर दो लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि उनके तीन अन्य साथी फरार बताए जा रहे हैं।
रात 2 बजे दुकानों में शुरू कर दी तोड़फोड़
जानकारी के मुताबिक, घटना रात करीब 2 बजे की है। कुछ लोग खुद को नगर निगम का कर्मचारी बताकर पंडरी पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने अचानक दुकानों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। जब दुकानदारों ने उनसे कार्रवाई का आदेश और संबंधित दस्तावेज दिखाने को कहा तो मामला संदिग्ध लगने लगा। इसके बाद दुकानदारों ने विरोध करते हुए आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की। इस दौरान दो लोग उनके हाथ लग गए, जिन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। वहीं, तीन अन्य लोग मौके से भागने में कामयाब रहे।
जर्जर भवन के नोटिस के बाद बढ़ा विवाद
बताया जा रहा है कि धीरज अरोड़ा की यहां तीन दुकानें किराए पर संचालित हैं। नगर निगम जोन-2 की ओर से 29 सितंबर को संबंधित भवन को जर्जर बताते हुए नोटिस जारी किया गया था। हालांकि, दुकानदारों का दावा है कि भवन जर्जर नहीं था। उन्होंने इसकी वास्तविक स्थिति की तकनीकी जांच कराने के लिए जोन कार्यालय और नगर निगम में आवेदन भी दिया था। दुकानदारों का आरोप है कि तकनीकी जांच पूरी होने से पहले ही रात के अंधेरे में बिना वैध अनुमति तोड़फोड़ कर दी गई।
मौके पर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष, प्रशासन पर उठाए सवाल
घटना की जानकारी मिलते ही नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने इस पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि स्वस्थ भवन को जर्जर बताकर नोटिस चस्पा किया गया था और इसके बाद दुकानों में तोड़फोड़ की गई।उन्होंने सवाल उठाया कि इस कार्रवाई से दुकानदारों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
फिलहाल इस घटना ने नगर निगम की कार्रवाई और संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस पकड़े गए दोनों लोगों से पूछताछ कर रही है। फरार तीन अन्य लोगों की तलाश और पूरे मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इस कथित तोड़फोड़ के पीछे किसका हाथ था।