रायपुर। शिक्षक दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ के शिक्षा जगत के लिए गौरव का एक बड़ा अवसर सामने आया है। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राजीव चौधरी को 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के करकमलों से राष्ट्रपति शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाने वाला प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान है।
छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालयीन पेंशनर्स कल्याण संघ के अध्यक्ष प्रदीप कुमार मिश्र और महासचिव शिरीष त्रिवेदी ने प्रोफेसर राजीव चौधरी को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ और पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, प्रोफेसर चौधरी इस सम्मान को प्राप्त करने वाले छत्तीसगढ़ के साथ-साथ अविभाजित मध्य प्रदेश से जुड़े शिक्षा जगत के पहले शिक्षाविद हैं।
प्रोफेसर चौधरी की इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। संघ ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान से विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को नई पहचान मिली है।
विश्वविद्यालय में निभा चुके हैं कई अहम जिम्मेदारियां
प्रोफेसर राजीव चौधरी का विश्वविद्यालय से लंबे समय से जुड़ाव रहा है। वे पूर्व में विश्वविद्यालय की कार्य परिषद के सदस्य रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने शारीरिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष और फैकल्टी ऑफ डीन के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई है।
वर्तमान में वे विश्वविद्यालय अध्ययनशाला के विधि विभाग के विभागाध्यक्ष के साथ-साथ अधिष्ठाता छात्र कल्याण की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
विश्वविद्यालय परिवार ने दी बधाई
राष्ट्रपति शिक्षक पुरस्कार मिलने पर विश्वविद्यालय परिवार और छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालयीन सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं शिक्षक संघ की ओर से प्रोफेसर राजीव चौधरी को शुभकामनाएं दी गईं।
संघ के पदाधिकारियों और विश्वविद्यालय से जुड़े शिक्षकों ने कहा कि प्रोफेसर चौधरी ने अपनी उपलब्धि से विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ा है। उनका कहना है कि यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का काम करेगा।
छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालयीन पेंशनर्स कल्याण संघ के अध्यक्ष प्रदीप कुमार मिश्र ने प्रोफेसर चौधरी को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि से पूरे विश्वविद्यालय परिवार का सम्मान बढ़ा है।