PATNA NEWS. बिहार में भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखींद्र पासवान की जनसुनवाई के दौरान एक फरियादी ने अनुदान राशि दिलाने के बदले 50 हजार रुपये रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की। शिकायत की पुष्टि होते ही मंत्री ने संबंधित कर्मचारी को एक घंटे के भीतर सस्पेंड करने के निर्देश दे दिए।
जानकारी के अनुसार, सीतामढ़ी निवासी कमलेश पासवान ने मंत्री से शिकायत की कि SC-ST अत्याचार अधिनियम के तहत मिलने वाली अनुदान राशि जारी करने के बदले एक डाटा एंट्री ऑपरेटर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। इस पर मंत्री ने शिकायतकर्ता से तुरंत उसी कर्मचारी को फोन लगाने के लिए कहा।
फोन स्पीकर पर किया गया। आरोप है कि डाटा एंट्री ऑपरेटर चंदन कुमार ने कॉल पर फिर से 50 हजार रुपये की मांग दोहराई। यह सुनते ही मंत्री नाराज हो गए और तत्काल सीतामढ़ी के जिला कल्याण अधिकारी को फोन कर मामले की जानकारी दी।
मंत्री ने जिला कल्याण अधिकारी से कहा कि SC-ST केस नंबर 129/26 में अनुदान राशि के बदले रिश्वत मांगने की रिकॉर्डिंग उनके सामने हुई है। उन्होंने चंदन कुमार को एक घंटे के भीतर निलंबित (सस्पेंड) करने का निर्देश दिया और चेतावनी दी कि आदेश का पालन नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री लखींद्र पासवान ने कहा कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी रिश्वत मांगता है या किसी तरह की अनियमितता करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।