
रायपुर. सटोरी बाबू खेमानी को गिरफ्तार करने के बाद रायपुर क्राइम ब्रांच टीम एक के बाद एक बड़े खुलासे कर रही है। साथ ही ऑन लाइन सट्टे से जुड़े बड़े सटोरियों को गिरफ्तार कर रही है।
बीते दिनों सटोरी बाबू खेमानी और उसके बाद संदीप इसरानी को गिरफ्तार करने के बाद क्राइम ब्रांच ने सटोरी सौरभ जैन के साथ
नमन जग्गी और आयुष जैन को गिरफ्तार किया है।
दोनों आरोपी सटोरी सौरभ जैन के साथ आन लाइन सट्टा के तीन बड़े पैनल चला रहे थे।
शुरुवाती जानकारी के अनुसार नमन जैन और आयुष जैन 777 नामक सट्टा एप समेत तीन पैनल चला रहे थे। लंबे समय से पुलिस को नमन जैन की तलाश थी लेकिन विभाग में कुछ लोगों के संपर्क होने के कारण नमन बच रहा था। लेकिन इस बार उच्चाधिकारियों की नारजगी के चलते नमन जैन क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ गया।
नमन जग्गी पुलिस से बचने के लिए दिल्ली में रह रहा था और वहां से ही सट्टा पैनल आपरेट कर रहा था। उसने आठ से दस महीने में सौरभ जैन के बिना ही सट्टा का बड़ा कारोबार शुरु कर लिया है।
नमन जग्गी के गिरफ्तार होने के साथ ही अब जल्द ही एक दर्जन से ज्यादा सटोरियों के जल्द धरे जाने की संभावना है।
इनमें से कुछ तो रायपुर के सबसे बड़े सटोरियों के रिश्तेदार हैं जिन्होने प्रदेश के बाहर सट्टा का समराज्य खड़ा कर लिया है।
पुलिस जल्द ही नमन जग्गी समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले का खुलासा करेगी।
सौरभ जैन आदतन सटोरिया-
रायपुर समेत महासमुंद पुलिस ने सौरभ जैन को पहले आन लाइन सट्टा एप के संचालन के आरोप गिरफ्तार कर चुकी है। सौरभ जैन के पास से जगुअर कार और दो लाख रुपए बरामद किया था। सौरभ चलती कार में बैठकर सट्टा खिला रहा था। गिरफ्तार नमन जग्गी और आयुष जैन सौरभ से ही सट्टे का काम सीखा है।
रायपुर. सटोरी बाबू खेमानी को गिरफ्तार करने के बाद रायपुर क्राइम ब्रांच टीम एक के बाद एक बड़े खुलासे कर रही है। साथ ही ऑन लाइन सट्टे से जुड़े बड़े सटोरियों को गिरफ्तार कर रही है।
बीते दिनों सटोरी बाबू खेमानी और उसके बाद संदीप इसरानी को गिरफ्तार करने के बाद क्राइम ब्रांच ने सटोरी सौरभ जैन के साथ
नमन जग्गी और आयुष जैन को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी सटोरी सौरभ जैन के साथ आन लाइन सट्टा के तीन बड़े पैनल चला रहे थे।
शुरुवाती जानकारी के अनुसार नमन जैन और आयुष जैन 777 नामक सट्टा एप समेत तीन पैनल चला रहे थे। लंबे समय से पुलिस को नमन जैन की तलाश थी लेकिन विभाग में कुछ लोगों के संपर्क होने के कारण नमन बच रहा था। लेकिन इस बार उच्चाधिकारियों की नारजगी के चलते नमन जैन क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ गया।
नमन जग्गी पुलिस से बचने के लिए दिल्ली में रह रहा था और वहां से ही सट्टा पैनल आपरेट कर रहा था। उसने आठ से दस महीने में सौरभ जैन के बिना ही सट्टा का बड़ा कारोबार शुरु कर लिया है।
नमन जग्गी के गिरफ्तार होने के साथ ही अब जल्द ही एक दर्जन से ज्यादा सटोरियों के जल्द धरे जाने की संभावना है।
इनमें से कुछ तो रायपुर के सबसे बड़े सटोरियों के रिश्तेदार हैं जिन्होने प्रदेश के बाहर सट्टा का समराज्य खड़ा कर लिया है।
पुलिस जल्द ही नमन जग्गी समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले का खुलासा करेगी।
सौरभ जैन आदतन सटोरिया-
रायपुर समेत महासमुंद पुलिस ने सौरभ जैन को पहले आन लाइन सट्टा एप के संचालन के आरोप गिरफ्तार कर चुकी है। सौरभ जैन के पास से जगुअर कार और दो लाख रुपए बरामद किया था। सौरभ चलती कार में बैठकर सट्टा खिला रहा था। गिरफ्तार नमन जग्गी और आयुष जैन सौरभ से ही सट्टे का काम सीखा है।




