NEET PAPER LEAK ROW नई दिल्ली: NEET पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में व्यापक सुधारों की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी क्रम में शुक्रवार को NTA के 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। इनमें से कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी। यह कदम एजेंसी की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
आउटसोर्सिंग व्यवस्था में भी होंगे बड़े बदलाव
सूत्रों के अनुसार, NTA की आउटसोर्सिंग व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है। परीक्षाओं के संचालन और सुरक्षा से जुड़े मौजूदा मॉडल में बदलाव के लिए विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर नई व्यवस्था लागू की जाएगी। सरकार का लक्ष्य ऐसी लीक-प्रूफ परीक्षा प्रणाली विकसित करना है, जिससे प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की विश्वसनीयता मजबूत हो।
NTA की कार्यप्रणाली पर उठे थे सवाल
NTA हर वर्ष NEET, JEE, CUET सहित 15 से 20 राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन करती है। हाल के पेपर लीक विवादों के बाद एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे, जिसके बाद केंद्र सरकार ने व्यापक सुधारों की शुरुआत की।
शिक्षा मंत्रालय में भी बड़ा प्रशासनिक बदलाव
परीक्षा विवादों के बीच केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी का तबादला कर उनकी जगह 1994 बैच के राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को नया सचिव नियुक्त किया है। सरकार को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में देश की परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी और मजबूत बनेगी।
NTA की वर्तमान संरचना
वर्तमान में NTA में 22 कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। इसके अलावा 38 संविदा कर्मचारी और 138 आउटसोर्स कर्मचारी एजेंसी से जुड़े हुए हैं। एक कर्मचारी को उसके मूल विभाग से NTA में समाहित किया गया है। सरकार ने 29 अक्टूबर 2024 को NTA में 16 नए पदों का भी सृजन किया था, जिनमें नई जिम्मेदारी संभालने के बाद नरेश पाल गंगवार की प्रमुख प्राथमिकताओं में राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश एवं भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाना, छात्रों का भरोसा बहाल करना और NTA की कार्यप्रणाली की व्यापक समीक्षा करना शामिल होगा।8 निदेशक और 8 संयुक्त निदेशक स्तर के पद शामिल हैं।
क्या होंगी नई प्राथमिकताएं?
नई जिम्मेदारी संभालने के बाद नरेश पाल गंगवार की प्रमुख प्राथमिकताओं में राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश एवं भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाना, छात्रों का भरोसा बहाल करना और NTA की कार्यप्रणाली की व्यापक समीक्षा करना शामिल होगा। सरकार इस बदलाव को परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही और सुधारों को तेज करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है।
नरेश पाल गंगवार का प्रशासनिक अनुभव
नरेश पाल गंगवार राजस्थान कैडर के 1994 बैच के IAS अधिकारी हैं और उनके पास लगभग 30 वर्षों का प्रशासनिक अनुभव है। नई नियुक्ति से पहले वे मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के तहत पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव थे।
राजस्थान में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई जिलों में जिला कलेक्टर और राज्य सरकार में प्रमुख सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं। वर्ष 2010 से 2014 के बीच राजस्थान की सौर ऊर्जा नीति तैयार करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में रहते हुए उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण और खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी नीतियों के निर्माण में भी योगदान दिया।c