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शासन का आदेश जूते पर, खाद्य विभाग का कर्मचारी बना सूपरमैन। कंट्रोलर ने 50 आफिसर को सुपरसीड कर दिया पांच विभागों का प्रभार

– खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के कंट्रोलर की कार्यशैली पर खड़े हुए सवाल
– तृतीय वर्ग कर्मचारी डोमेंद्र को दिया गया पांच विभाग का प्रभार
– फूड सैंपल लेने से लेकर लैब रिपोर्ट, और सूचना का अधिकार का भी बनाया गया है नोडल
– जब्ती से लेकर जांच रिपोर्ट सब कुछ एक ही आदमी के कंट्रोल पर
– मुख्यालय के साथ साथ जिले, लैब, और सूचना के अधिकार का बनाया गया है नोडल
– 42 क्लास 2 अधिकारी राज्य में है मौजूद पर तृतीय वर्ग कर्मचारी को दिया जिम्मा
– ऐसी मनमानी के पीछे क्या है एजेंडा
– खबर के अखिर में पढ़िए क्या है शासन के नियम और निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ का खाद्य एवं औषधि प्रशासन की व्यवस्था अंधेर नगरी चौपट राजा को चरितार्थ कर रही है। यह खबर उस व्यवस्था के खिलाफ है जो बताती है की कैसे 1-2 अधिकारी मिलकर अपने स्वार्थ के लिए पूरे राज्य की व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा को ताक पर रख देते हैं।
असल में विभाग के एक अधिकारी ने अपनी मनमानी करने के लिए शासन के आदेश को जूते की नोंक पर रख दिया है। इस आला स्तर के एक अधिकारी ने अपने मातहतों में से एक तृतीय वर्ग कर्मचारी को सूपरमैन की तरह पावर दे दिया है। ताकि वह कलेक्शन (सैंपल)से लेकर जांच रिपोर्ट तक संभाल सके। अधिकारी के अधिन्सथों ने मिलकर मिलकर ऐसी व्यूह रचना की है जिससे न सिर्फ प्रशासनिक नियमों की धज्जियां उड़ गई हैं बल्कि पूरा विभाग कटघरे में आ गया है और मिलवाटखोरों की मौज हो गई है।
हम आपको को खबर बताने जा रहे हैं उससे आप समझ जाएंगे की इस पूरी व्यूह रचना के पीछे का एजेंडा क्या है।
आपकों बताते हैं की हैंडिग में हमनें सुपरमैन और सुपरसीड जैसे शब्दों का इस्तेमाल क्यों किया है।

छत्तीसगढ़ खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में डोमेंद्र ध्रुव नाम का एक तृतीय वर्ग कर्मचारी है। लेकिन विभाग के कंट्रोलर (नियंत्रक) दीपक अग्रवाल के बिना शासन के नियमों को दरकिनार करते हुए इस तृतीय वर्ग कर्मचारी को अपने हस्ताक्षर से सहायक आयुक्त (असिस्टेंट कमिश्नर)का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। जबकि अतिरिक्त प्रभार देने का अधिकार सिर्फ शासन का है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है की जब राज्य में सहायक आयुक्त पद के लिए पात्र 42 से ज्यादा अधिकारी हैं उसके बाद भी शासन के नियमों को दरकिनार कर तृतीय वर्ग कर्मचारी को सबको सुपरसीड कर सहायक आयुक्त बना दिया गया हऐ।
छत्तीसगढ़ राज्य में क्लास 2 वर्ग के 5400 ग्रेड के 42 से ज्यादा अधिकारी एक क्लास थ्री 2800 ग्रेड पे के राजनांदगांव के खाद्य सुरक्षा अधिकारी को सहायक आयुक्त का प्रभार दिया जाना कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह तो उठेगा ही।

अब यहां से पूरा खेल समझिए,
– अब चूंकि कंट्रोलर दीपक अग्रवाल ने डोमेंद्र ध्रुव असिस्टेंट कमिश्नर बनाया दिया है तो नियम से उन्हे बैठने है नया रायपुर स्थित मुख्यालय में, लेकिन साहब साथ ही साथ ही राजनांदगांव के खाद्य सुरक्षा अधिकारी का प्रभार भी संभाले हुए है। यानी असिस्टेंट कमिश्नर रहते हुए ये राजनांदगांव जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा अधिकारी बनकर खाद्य पदार्थों की जांच का काम भी संभाल रहे हैं। मतलब रायपुर में बैठे-बैठे वो राजनांदगांव की सैंकड़ों ददुकानों होटलों बेकरी और फैक्ट्री में बन रहे खाने-पीने के सामान की जांच कर लेंगे। सैंपल लेंगे और जिले की पूरी खाद्य सुरक्षा व्यवस्था संभाल लेंगे।
बताया जाता है की साहब इसके लिए शनिवार को राजनांदगांव जाते हैं और कलेक्शन करके (सैंपल कलेक्शन) रायपुर आ जाते हैं।
बाकि रविवार से शुक्रवार तक लगता है पूरे राजनांदगांव में बिना गड़बड़ी के काम चलता रहता है।
साहब इसके लिए अपनी कार का इस्तेमाल करते हैं जो की उन्हे तृतीय वर्ग कर्मचारी होने के बाद भी मिली हुई है, जबकि वह कार के लिए पात्र नहीं है।

– सिर्फ इतना नहीं डोमेंद्र ध्रुव का सुपर पॉवर इतना की दीपक अग्रवाल जी ने उन्हे असिस्टेंट कमिश्नर, राजनांदगांव जिले का खाद्य सुरक्षा अधिकारी होने के साथ साथ राज्य उड़न दस्ता का प्रभारी भी बनाया है। यानी राज्य में किस होटल,फैक्ट्री,बैकरी, खाने और पीने से जुड़े से कोई भी संस्थान मकान, दुकान फैक्ट्री में छापा पड़ेगा ये डोमेंद्र ध्रुव ही डिसाइड करेंगे। वो यह सब काम के बीच यह भी डिसाइड कर लेते हैं की किन जगहों की जांच करनी है, किन जगहों पर कार्रवाई जरुरी है। इसे लेकर वो राज्य भर के अधिकारियों को निर्देश भी दे डालते हैं।

– साहब का सुपर पॉवर यहीं खत्म नहीं होता, पूरे राज्य के जिलों में जिन खाद्य या पेय पदार्थ को खाद्य अधिकारी सैंपल के लिए जब्त करते हैं उसकी जांच विभाग की अलग-अलग लैब, मोबाइल वैन लैब में की जाती है। मजे की बात यह है की डोमेंड ध्रुव इन सभी लैब के भी नोडल अधिकारी हैं। यानी जांच के और रिपोर्ट बनाने की व्यवस्था तक के नोडल हैं। मतलब साहब यह डिसाइड करेंगे की छापा कहां पड़ेगा, कौन छापा मारेगा, कब मारेगा,सैंपल लैब कब जाएगी, और रिपोर्ट बनेगी। इसके बाद जो बात आपको हम बताने वाले हैं उससे आप पूरा खेल समझ जाएंगे जिसकी चर्चा विभाग में आम है।

– अब जब बात जांच,छापा और रिपोर्ट तक आ गई है तो रिपोर्ट में क्या है इसकी जानकारी आप सूचना के अधिकार से जान सकते हैं लेकिन इसके दरवाजे पर डोमेंद्र साहब का कड़ा पहरा है। क्योंकि राज्य के खाद्य नियंत्रक दीपक अग्रवाल ने डोमेंद्र ध्रुव को सिर्फ राज्य उड़न दस्ता प्रभारी, राज्य की सभी लैब का नोडल अधिकारी नहीं बनाया है, राजनांदगांव का fso नहीं बनाया है बल्कि डोमेंद्र ध्रुव को विभाग में राज्य स्तर पर सूचना के अधिकार का भी नोडल बनाया हुआ है। यानी आप किसी भी प्रकार की जांच, कार्रवाई, लैब रिपोर्ट या विभाग से जुड़ी कोई भी जानकारी मांगे आपका आवेदन डोमेंद्र ध्रुव के पास ही जाएगा। उनके बिना सहमति के आपको जानकारी नहीं मिलेगा। यानी आपको वही जानकारी मिलेगी जो डोमेंद्र ध्रुव देना चाहेंगे।

– इसका मतलब है डोमेंद्र ध्रुव के निर्देश पर छापा पड़ेगा, सैंपल लिया जाएगा, सैंपल जिस लैब जाएगा जहां रिपोर्ट बनेगी उसके नोडल भी डोमेंद्र,और अगर आपको वह उस कार्रवाई की जानकारी, रिपोर्ट की जानकारी चाहिए तो आपको सूचना के अधिकार के माध्यम से वह जानकारी मिलेगी की नहीं उस विभाग के नोडल अधिकारी भी डोमेंद्र होंगे।

– यानी यह वही बात हुई की शिकायतकर्ता, शिकायत पर गिरफ्तार करने वाली पुलिस, और गिरफ्तार करने के बाद फैसला सुनाने वाले जज, सब एक ही आदमी है।

यह पूरी खबर पढ़कर आपको समझ आ गया होगा की इतनी कारस्तानी, मनमानी और नियमों की न फरमानी के पीछे अधिकारियों का क्या एजेंडा हो सकता है। अगली खबर में हम आपको इसी विभाग की और इन अधिकारियों की कारास्तानी को लेकर और भी बड़े खुलासे करेंगे। उम्मीद करते हैं की यह खबर आला अधिकारियों तक पहुंचेगी और व्यवस्था को सुधारने का प्रयास किया जाएगा।
क्योंकि खाद्य एवं औषधी प्रशासन विभाग यानी आपके हमारे परिवार के खाने पीने, इलाज में उपयोग होनी वाली दवाओं सभी से जुड़ा विभाग है, पूरी जिम्मेदारी इस विभाग की है, अगर यहां लापरवाही हुई तो सोचिए लोगों की सेहत पर इसका क्या असर पड़ेगा

शासन द्वारा जारी रिक्त पदों को भरने के लिए जारी निति निर्देश

शासन द्वारा रिक्त पदों को भरने के लिए जारी अलग-अलग सालों के निति निर्देश

नियंत्रक दीपक अग्रवाल द्वारा जारी डोमेंद्र ध्रुव को सहायक आयुक्त का प्रभार देने का आदेश