MAHDYA PRADESH NEWS : मध्य प्रदेश के शाजापुर से शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि शादी के 25 दिन बाद उन्हें पता चला कि जिस व्यक्ति को दुल्हन बताकर शादी कराई गई थी, उसकी पहचान को लेकर गंभीर तथ्य छिपाए गए थे। इस खुलासे के बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
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जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक शाजापुर में सब्जी का ठेला लगाकर अपना जीवनयापन करता है। शादी में देरी होने के कारण पड़ोसियों की मदद से उसका रिश्ता राजगढ़ जिले के पचोर निवासी एक परिवार से तय कराया गया। आरोप है कि आर्थिक तंगी के बावजूद लड़की पक्ष ने जल्द शादी का दबाव बनाया। परिवार के मुताबिक, 29 जून को पचोर के एक मंदिर में दोनों की शादी कराई गई। आरोप है कि शादी और अन्य व्यवस्थाओं के नाम पर लड़के पक्ष से करीब 5 लाख रुपये खर्च करवाए गए, जबकि 1 लाख रुपये नकद भी लिए गए।
सुहागरात पर बनाया बहाना
पीड़ित परिवार का कहना है कि 30 जून को दुल्हन ससुराल पहुंची। सुहागरात पर उसने पीरियड्स का हवाला देकर पति से दूरी बनाए रखी। इसके बाद पेट दर्द और तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर 2 जुलाई को मायके चली गई। करीब 21 दिन बाद, 23 जुलाई को वह दोबारा ससुराल लौटी।
जेठानी को हुआ शक
परिजनों का दावा है कि दुल्हन के हाव-भाव और बातचीत से सबसे पहले युवक की भाभी को संदेह हुआ। एक दिन उन्होंने उसे चेहरे पर शेविंग क्रीम लगाते हुए देखा। पूछने पर उसने बताया कि वह शेविंग करती है। इसके बाद परिवार का शक और गहरा गया। अगले दिन जब परिजनों ने सख्ती से पूछताछ की, तो उनकी पहचान को लेकर नया खुलासा होने का दावा किया गया।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
खुद को ठगी का शिकार मानते हुए पीड़ित परिवार ने शाजापुर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी संतोष बाघेला के अनुसार, शिकायत के आधार पर कथित पिता लक्ष्मीनारायण समेत आजाद, राकेश, राजा और चंद्रोबाई के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं यह किसी संगठित मैरिज फ्रॉड गिरोह का हिस्सा तो नहीं है। मामले में सभी आरोपों की जांच जारी है और पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।