KAWARDHA NEWS: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में बदमाशों ने लूट की बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। तरेगांव जंगल थाना क्षेत्र में दो बाइक पर सवार छह नकाबपोश बदमाशों ने एक सराफा व्यापारी पर डंडे से हमला कर लाखों रुपये के जेवरात और नकदी लूट ली। लूटे गए सामान की कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है। वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के मुताबिक, पांडातराई निवासी सराफा व्यापारी वेदप्रकाश सोनी मंगलवार देर शाम दलदली जंगल क्षेत्र से लौट रहे थे। इसी दौरान मछरी रेवार के पास बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाया। हैरानी की बात यह है कि घटनास्थल तरेगांव जंगल थाने से महज एक किलोमीटर की दूरी पर बताया जा रहा है।
डंडे से हमला कर व्यापारी को रोका, फिर लूट लिया थैला
बताया जा रहा है कि व्यापारी अपनी बाइक से जंगल क्षेत्र के रास्ते लौट रहे थे। तभी दो बाइक पर सवार छह नकाबपोश बदमाश वहां पहुंचे। आरोप है कि बदमाशों ने डंडे से हमला कर उनकी बाइक रुकवाई और उनके साथ मारपीट की। इसके बाद वे व्यापारी का थैला लूटकर मौके से फरार हो गए।
अचानक हुई इस वारदात से व्यापारी सकते में आ गए। घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
थैले में 25 से 30 किलो चांदी और सोना-नकदी होने का दावा
सराफा व्यापारी वेदप्रकाश सोनी के मुताबिक, लुटे गए थैले में करीब 25 से 30 किलो चांदी, 15 ग्राम सोना और डेढ़ लाख रुपये नकद रखे हुए थे। व्यापारी ने लूटे गए सामान की कुल कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई है।
लूटे गए जेवरात और नकदी की बड़ी मात्रा को देखते हुए पुलिस के सामने आरोपियों की पहचान करने और सामान बरामद करने की चुनौती है। हालांकि, लूटे गए सामान की वास्तविक मात्रा और कीमत की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
थाने के पास वारदात, बदमाशों की तलाश में जुटी पुलिस
इस घटना के बाद इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जिस स्थान पर वारदात हुई, वह तरेगांव जंगल थाने से करीब एक किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। ऐसे में सवाल है कि बदमाशों ने इतनी बड़ी लूट को कैसे अंजाम दिया और वारदात के बाद किस रास्ते से फरार हुए।
फिलहाल पुलिस को शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों की पहचान, उनकी भागने की दिशा और लूटे गए सामान की बरामदगी को लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
क्या पहले से बनाई गई थी लूट की योजना?
छह नकाबपोश बदमाशों का एक साथ पहुंचना और व्यापारी को निशाना बनाकर लूटपाट करना कई सवाल खड़े करता है। क्या आरोपियों को व्यापारी के आने-जाने के रास्ते और उनके पास मौजूद सामान की पहले से जानकारी थी? क्या इस वारदात को पूरी योजना के तहत अंजाम दिया गया?