GANESH CHATURTHI 2026 : सनातन धर्म में गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश की आराधना के लिए बेहद महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार यह त्योहार भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु घरों और सार्वजनिक पंडालों में गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं।इस साल गणेश चतुर्थी का ये महापर्व 14 सितंबर को बेहद धूमधाम से मनाया जाएगा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी तिथि को भगवान गणेश का प्राकट्य हुआ था। यही वजह है कि गणेश चतुर्थी के दिन बप्पा की विशेष पूजा की जाती है।
हालांकि, धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र में गणपति की स्थापना के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं ऐसी कौन सी चीजें हैं, जिन्हें बप्पा की प्रतिमा के आसपास रखने से बचना चाहिए।
1. गणेश जी को भूलकर भी न चढ़ाएं तुलसी
पौराणिक मान्यताओं में भगवान गणेश की पूजा में तुलसी दल अर्पित करना वर्जित माना गया है। इसके पीछे तुलसी और भगवान गणेश से जुड़ी एक पौराणिक कथा बताई जाती है। इसी मान्यता के चलते गणेश चतुर्थी के दौरान बप्पा की प्रतिमा पर तुलसी के पत्ते नहीं चढ़ाए जाते। पूजा में तुलसी की जगह दुर्वा यानी दूब अर्पित करना शुभ माना जाता है।
2. पूजा स्थल से दूर रखें चमड़े की चीजें
गणपति बप्पा की स्थापना जिस स्थान पर की जाए, वहां पवित्रता और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा स्थल के आसपास चमड़े से बनी वस्तुएं जैसे बेल्ट, पर्स, जूते या चप्पल नहीं रखनी चाहिए। इसलिए पूजा के स्थान के आसपास ऐसी वस्तुओं को रखने से बचना बेहतर माना जाता है।
3. बप्पा के आसपास न रखें डस्टबिन और कबाड़
गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करने वाली जगह को साफ और व्यवस्थित रखना चाहिए। मूर्ति के आसपास डस्टबिन, पुरानी झाड़ू, बेकार सामान या किसी तरह का कबाड़ जमा करने से बचें। वास्तु मान्यताओं के अनुसार पूजा स्थल के आसपास साफ-सफाई रहने से सकारात्मक वातावरण बना रहता है। इसलिए गणपति स्थापना के दौरान आसपास की जगह को स्वच्छ रखना जरूरी माना जाता है।
4. मूर्ति के आसपास न लगाएं नकारात्मक तस्वीरें
गणपति बप्पा की प्रतिमा के आसपास ऐसा कोई चित्र या सजावट नहीं होनी चाहिए, जो हिंसा, दुख या नकारात्मकता को दर्शाती हो। धार्मिक और वास्तु मान्यताओं के अनुसार पूजा स्थल का वातावरण शांत, स्वच्छ और सकारात्मक रखना चाहिए। इसलिए बप्पा के दरबार को फूलों और शुभ सजावट से सजाना बेहतर माना जाता है।
5. पूजा स्थल पर रखें सकारात्मक और पवित्र माहौल
गणेश उत्सव के दौरान पूजा स्थल पर साफ-सफाई के साथ-साथ दीपक, धूप और ताजे फूल रखने की परंपरा है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार भगवान गणेश को मोदक, फल और अन्य प्रसाद अर्पित करते हैं। मान्यता है कि श्रद्धा और विधि-विधान से की गई गणेश पूजा से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और भक्तों के जीवन से विघ्न दूर करते हैं।
बप्पा की स्थापना में इन बातों का रखें ध्यान
गणेश चतुर्थी के दौरान घर में गणपति की स्थापना करते समय पूजा स्थल को साफ रखना, धार्मिक परंपराओं का पालन करना और सकारात्मक वातावरण बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जाता है। इन मान्यताओं के अनुसार पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वातावरण बना रहता है।
हालांकि, इन बातों का आधार धार्मिक मान्यताएं और वास्तु परंपराएं हैं। इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नियम नहीं माना जाना चाहिए।
Disclaimer: यह लेख धार्मिक मान्यताओं, पौराणिक कथाओं और वास्तु शास्त्र से जुड़ी प्रचलित मान्यताओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य धार्मिक जानकारी प्रदान करना है। किसी भी मान्यता को अपनाने से पहले अपनी व्यक्तिगत आस्था और परंपराओं का ध्यान रखें।