DELHI NEWS: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ऐलान किया है कि अगली ‘नेशनल लोक अदालत’ 25 अक्टूबर को लगने जा रही है। यानी अगर आपको कोई ट्रैफिक चालान लंबे समय से पेंडिंग है तो आपके लिए अच्छा मौका है। दिल्ली में लगने वाली ‘नेशनल लोक अदालत’ में आप अपने चालान का निपटारा कर सकते हैं। ‘नेशनल लोक अदालत’ इससे पहले 12 सितंबर मगर 11 से 13 सितंबर के बीच ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के वजह से इसकी डेट आगे बढ़ाकर 10 अक्टूबर कर दी गई थी जिसे एकबार फिर आगे बढ़ाकर 25 अक्टूबर किया गया है।
नोटिस में क्या जानकारी दी गई है?
दिल्ली स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के ताजा नोटिस के मुताबिक लोक अदालत की नई डेट 25 अक्टूबर तय की गई है। नोटिस में बताया गया है कि लोक अदालत में 30 जून 2026 तक के पेंडिंग ‘कंपाउंडेबल’ यानी समझौते योग्य चालानों पर सुनवाई की जाएगी। यानी जून के बाद (जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर) में काटे गए चालान सुनवाई में शामिल नहीं किए जाएंगे। स्लिप (टोकन) डाउनलोड करने के बाद ही सुनवाई
वाहन मालिक 19 अक्टूबर सुबह 10 बजे से दिल्ली ट्रैफिक पुलिस लोक अदालत पोर्टल से अपने चालान की स्लिप (टोकन) को डाउनलोड कर सकते हैं। ध्यान रहे कि टोकन की सीमा तय है और 10 बजे से ही अप्लाई करें। लोक अदालत में आपके चालान के निपटान की सुनवाई इस टोकन के बिना नहीं होगी। इसके साथ ही टोकन का प्रिंट आउट अपने पास रखें क्योंकि इसी पर आवंटित कोर्ट नंबर और मजिस्ट्रेट की डिटेल होगी। जरूरी दस्तावेज साथ ले जाना भी जरूरी
इसके अलावा अपने साथ जरूरी दस्तावेज रख लें जिनमें व्हीकल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस और पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, ट्रैफिक चालान, आधार कार्ड आदि शामिल हैं। कहां लगेगी लोक अदालत?
प्रतिदिन 50,000 चालान की सीमा तय की गई है। दिल्ली स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के नोटिस में बताया गया है कि दिल्ली के सभी जिला न्यायालय परिसरों में लोक अदालत लगेगी। तीस हजारी कोर्ट, पटियाला हाउस कोर्ट, कड़कड़डूमा कोर्ट, रोहिणी कोर्ट, द्वारका कोर्ट, साकेत कोर्ट और राउज एवेन्यू कोर्ट में लगेगी। इन सभी कोर्ट में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चालान निपटाए जाएंगे।
क्या है लोक अदालत?
लोक अदालत विवादों को सुलझाने का एक मंच है, जिसमें मामलों को लंबी कानूनी प्रक्रिया के बजाय आपसी सहमति के आधार पर निपटाया जाता है। इस अदालत में ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों का भी निपटारा होता है। दिल्ली जैसे शहरों में लोक अदालत का लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं क्योंकि बड़ी संख्या में वाहन मालिक अपने पेंडिंग चालान का निपटारा कराने पहुंचते हैं।