– कमिश्नर साहब सर्विस रिकार्ड देखकर कर सकते हैं पुष्टि
– आने के दस दिनों के भीतर ही दिखने लगा आतंक

वसूलीबाजी और अय्याशी के चलते शहर से रवाना किया गया सिपाही K शव ने फिर एक बार से शहर में अपनी पोस्टिंग करवा ली है। पोस्टिंग के साथ ही उसने फिर अपना वसूलीबाजी का एक सूत्रीय कार्यक्रम शुरु कर दिया है। इस बार वो कमिश्नरेट और कमिश्नर प्रणाली लागू होने के नाम पर लोगों को धमका कर वसूली कर रहा है। ईमानदारी और सम्मान के साथ काम करे छोटे कारोबारी दुकानदारों को लाकअप में डाल कर वसूली की जा रही है,अपमानित किया जा रहा है। सबसे बड़ी बात K शव जो खुद को नेताजी कहलाना पसंद करता है वह पूरे समय सिविल ड्रेस में रहता है। यूनिफार्म नहीं पहनता। लोगों पर धौंस जमाने के लिए वायरलेस सेट पकड़ा रहता है जो की बंद है। इसे भी उसने अवैध तरीके से हासिल किया है।
इसकी वसूली और अय्याशी की हरकतों के बारे में बताने के पहले यह बताना जरुरी है की
– यह पीटा एक्ट, पाक्सो और धारा 376,376 AB,366A, इममारल ट्रैफिकिंग एक्ट मामले में अभियुक्त रहा चुका है। इसके साथ एक नेता और तीन आरोपी झारखंड से नाबलिग लड़कियों को लाकर दूसरे स्टेशन के के पास देह व्यापार करवा रहे थे। बच्चियां भाग कर वापस गई झारखंड,जमे-टेल्को थाना जमशेदपुर में चारों के खिलाफ जीरो में एफआईआर करवाई। बाद में बच्चियां गवाही के लिए नहीं आ पाई इस कारण यह बच गया।
– नशे का सफेद पाउडर बेचने वालों के साथ इसकी सीधी साठगांठ पकड़ी जा चुकी है।
– एक बार तो बुलेट में चलने वाले रायपुर के एक IPS पंडरी के एक होटल में छापा मार कर 5 लड़कियों को संदिग्ध हालत में पकड़ा। साहब ने जब होटल मालिक को लताड़ना शुरु किया तो उसने बताया की साहब मुझे गालियां क्यों बक रहे हो लड़कियां तो पुलिस वाले ने ही रखवाई है और मुझसे डेली का 20 हजार रुपए लेता है। होटल मालिक ने जो नाम बताया वो K शव ही था। यह सुनकर साहब शर्म से पानी पानी हो गए, जब अपना ही सिक्का खोटा निकला तो क्या कर सकते थे।
इन सबके बीच यह बताना जरुरी है की K शव अपने को मंत्री का खास बताता है। जब उस पर कार्रवाई होने को होती है तो मंत्री के पीए या ओएसडी से फोन करवा कर बच जाता है।
K शव की वसूली का एक हफ्ते का ताजा उदारहरण आपको बता रहे हैं।
गुरुवार रात लगभग सवा 11 बजे K शव थाना प्रभारी के साथ गश्त पर निकला। छोटे कारोबारी अपनी दुकानें बंद कर साफ सफाई कर रहे । K शव ने उन्हे गालियां देकर बुलाया, कहा की कमिश्नरेट लागू हो गया है। रात तक अवैध धंधा क्यों कर रहे हैं और गाड़ियों में बैठने कहा। कारोबारियों ने कहा की वो साफ सफाई कर रहे हैं। कोई अपराध थोड़े ही कर रहे हैँ। इस पर K शव ने गाली देते हुए गाड़ी में बैठने कहा और बोला की यह जितना समय लगाओगे थाने में भी उतना ज्यादा समय लगेगा।
यह कहकर वो दुकानदारों को लेकर थाने ले गया। यहां उसने दुकानदारों को कपड़ा, मोजे और बेल्ट उतार कर लॉपअप में जाने कहा। दुकानदार चौंक गए, कहा की साहब हम कोई अपराधी थोड़े ही है जो कपड़े उतरवा रहे हो, लॉकअप में डाल रहे हो।
इस पर K शव ने उन्हे फिर गंदी गालियां दी। और लॉकअप में डाल दिया। थाना प्रभारी के साथ निकल गया।
लगभग एक घंटे बाद मुंशी लाकअप के पास आया, दुकानदारों को बोला की रात भर लाकअप में रहना है की मामला खत्म करना है। इस दुकानदारों ने की वो क्रिमिनल नहीं है। इस पर मुशी ने कहा की ठीक है रात भर रहो। इस पर दुकानदारों ने कहा की ठीक है साहब खत्म करो।
इस पर मुंशी ने कहा की साहब गश्त पर है, 15 हजार लगेगा आएगा तो बात करेंगे। इस पर दुकानदारों ने कहा की हजार दो हजार कमाने वाले 15 हजार रुपए कहां से देंगे। इसके बाद मांडवाली शुरु हुई। मुंशी ने किसी ने बात की और एक आदमी का हजार रुपए के हिसाब से सौदा तय हुआ। दुकानदारों ने अपने परिचितों को बुलाया और एक आरक्षक जिसकी मुंछ में चोट का निशान है, मोटा-मोटा सा है। उसे पांच पांच हजार रुपए दिए। तस्दीक करने पर पता चला उसका नाम K शव है।
इसके बाद मुंशी ने कहा की उनका कहां है यह कह कर दुकानदारों से आठ-आठ सौ रुपए मुंशी साहब ने भी ले लिया।
अब आपको बताते हैं कि आते ही K शव फल्ली और भूंजी बेचने वाले से लेकर किसको किसको अपना शिकार बनाया
– परसों स्टेशन के पास भोजनालय में लगभग साढ़े 11 बजे दो तीन ग्राहक खाना खा रहे थे। होटल में फर्नीचर का काम चल रहा था। होटल मालिक की सालगिरह भी थी जिसके कारण परिवार के लोग भी वहीं थे। K शव वहां अचानक पहुंचा और होटल मालिक को उठा कर पुलिस की गाड़ी में थाना ले जाने लगा। पीछे से जब परिजन थाना पहुंचे तो वह सब को हाथ लगा कर थाने से भगाने लगा। कहा की थाने में मत घुसना। जब परिजनों ने कहा की थाने नहीं आएंगे तो कहां जाएंगे इस पर वह कहने लगा की सब को लाकअप में भरो। जब होटल कारोबारी ने सीएम हाउस में शिकायत करने की बात कही तो उसने एक घंटे बाद छोड़ा.
– 27 जनवरी को अभिनंदन थाली के सुनील जोशी से 5000 रु लिया गया उनके स्टाफ को छोड़ने के लिए जो की होटल में सिलेंडर छोड़ने आया था।
– 27 जनवरी को ही स्टेशन चौक के जैन पोहा के सुधीर जैन से 5000 रु लिया गया उसके स्टाफ को भी थाना में बैठा दिया गया था
– 26 जनवरी को शराबबंदी के दिन रायपुर इन होटल के स्टाफ द्वारा दारू बिक्री की जा रही थी। जिसमें सिर्फ 4 बोतल की लिखित कार्यवाही की गई । 15 बोतल शराब थाना में रख ली गई। केशव ने उसके मैनेजर से 20 हजार रुपए लिए। पैसे होटल रायपुर इन के मैनेजर महेश ने पैसे दिए
– तेलघानी नाका के देशी शराब के भट्टी के मैनेजर से 50 हजार रुपए लिया गया बिना किसी वजह से, अवैध शराब बिक्री के नाम पर
– इस सप्ताह सत्कार होटल के सामने ठेले में चना फल्ली मुर्रा बेचकर जीवन व्यापन करने वाले लड़के से थाना ले जाकर 5000 रुपए लिया गया। यह लड़क महीने में कुल मिलाकर 12 से 15 हजार रुपए बचा पाता है अपने परिवार के भरण पोषण के लिए
इस बार बचाया गया तो मंत्री के पीए का नाम भी करेंगे एक्सपोज
सूत्रों के अनुसार मंत्री के पीए कांकेर की दिशा से आते हैं। केशव रायपुर में उन्हे मालिश और शराब की व्यवस्था करवाता रहा है। ऐसा कर वह मंत्री जी के नाम का दुरोपयोग किया है। पीए साहब इस बार भी अगर भ्रष्ट पुलिसकर्मी को बचाने का प्रयास करेंगे तो उनका नाम उजागर करने में कोई गुरेज नहीं रहेगा। मंत्री जी को शायद पीए के संरक्षण के बारे में मालूम नहीं है।
क्योंकि K शव द्वारा ईमानदारी और सम्मान के साथ काम रहे छोटे कारोबारियों को उठा कर लाकअप में बंद किया जा रहा है। फिर छोड़ने के नाम पर हजारों रुपए वसूल रहा है। इस बीच कारोबारियों को मां और बहन की गंदी भद्दियां गालियां दे रहा है। चौंकाने वाली बात है की थाना प्रभारी के सामने सब हो रहा है लगता है की हर बार सिन्हा अपने ही काम में थानेदार को समझा बुझा कर शामिल कर लेता है शायद यही कारण है की उस पर थाने से कोई कार्रवाई नहीं की जाती ।
K शव जिस थाना प्रभारी के साथ रहा है उसका रिकार्ड खराब ही हुआ है। इसके पहले भी एक प्रभारी साहब को शौकीन बना दिया था। होटल महिंदर…. ले जाता था। शराब के साथ साथ युवतियों की व्यवस्था का आरोप था। साहव अपने ओहदे का भी ध्यान नहीं रखते थे। सिपाही के साथ ही सेवाएं लेते थे। जब आला अधिकारियों को इसके बारे में पता चला तो प्रभारी से इतना दूर भेजे गए की वापस आने का चांस कम ही हो गया है।
इन सब बातों का कमिश्नर साहब से लेकर कोई भी अधिकारी अपने अधिनस्थ कर्मचारी या थाना क्षेत्र के व्यापारियों से पुष्टि कर सकते हैं।




