सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार से कहा- किसी को हिरासत में रखकर आप उसे दंडित कर रहे
जांच अपनी गति से चलेगी
Chhattisgarh Liquor Scam : जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी की- ”जांच अपनी गति से चलेगी। यह अनंतकाल तक चलती रहेगी। तीन आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं। आप किसी व्यक्ति को हिरासत में रखकर उसे वास्तव में दंडित कर रहे हैं। आपने प्रक्रिया को ही सजा बना दिया है। यह कोई आतंकवादी या तिहरे हत्याकांड का मामला नहीं है।”
आरोप तय किए जाने बाकी
Chhattisgarh Liquor Scam : राज्य की ओर से पेश अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने जमानत याचिकाओं का विरोध किया और कहा कि मामले में आरोपितों का सामना अन्य आरोपितों से कराया जाना चाहिए। आरोपितों की ओर से पेश अधिवक्ता सिद्धार्थ अग्रवाल ने तर्क दिया कि मामले में तीन आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं और आरोप तय किए जाने बाकी हैं।