BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के बिल्हा निवासी विनीत कुमार दुबे नौकरी की तलाश में रूस गया था, लेकिन अब वह लापता है। परिवार के मुताबिक, विनीत 1 अक्टूबर को रूस की राजधानी मॉस्को पहुंचा था। इसके बाद 7 अक्टूबर से उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है। युवक की बहन आशी दुबे ने आशंका जताई है कि उसके भाई को रूस में बंधक बनाकर प्रताड़ित किया जा रहा है और उस पर युद्ध में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा है। परिवार ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
टेलीग्राम ग्रुप के जरिए मिली थी रूस में नौकरी की जानकारी
परिजनों के अनुसार, विनीत कुमार दुबे को टेलीग्राम के एक ग्रुप के माध्यम से रूस में नौकरी की जानकारी मिली थी। इसी सिलसिले में वह 1 अक्टूबर को मॉस्को पहुंचा। हालांकि, रूस पहुंचने के बाद उसकी परिस्थितियां कथित तौर पर मुश्किल होती चली गईं।
परिवार का आरोप है कि विनीत को भारतीय दूतावास जाने की अनुमति नहीं दी गई और उसे मॉस्को के एक होटल में रोके रखा गया। इसके बाद उसे वोल्गोग्राद भेज दिया गया, जहां उसे एक अपार्टमेंट में रखा गया था।
7 अक्टूबर की सुबह कार में बैठाकर ले गए अज्ञात लोग
विनीत के परिवार को मिली जानकारी के मुताबिक, 7 अक्टूबर की सुबह करीब 7 बजे कुछ लोग उसे कार में बैठाकर किसी अज्ञात स्थान पर ले गए। बहन आशी दुबे का आरोप है कि वहां विनीत पर रेजिडेंसी हासिल करने और युद्ध में शामिल होने के लिए दबाव बनाया गया।
परिवार का दावा है कि विनीत ने युद्ध में जाने से इनकार किया तो उसके साथ मारपीट की गई और उसे भूखा रखकर प्रताड़ित किया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और विनीत की मौजूदा स्थिति के बारे में आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
ड्रग्स के मामले में फंसाने का भी आरोप
आशी दुबे के मुताबिक, उनके भाई को रूस में ड्रग्स से जुड़े एक मामले में फंसाया गया है। परिवार का आरोप है कि इसी मामले का दबाव बनाकर उसे स्थानीय लोगों की बात मानने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
परिजनों को विनीत के साथ कथित तौर पर हुई घटनाओं की जानकारी किशोर नाम के एक युवक के जरिए मिली। बताया गया है कि किशोर ने व्हाट्सएप के माध्यम से परिवार से संपर्क किया था। इसके बाद से परिवार विनीत की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंतित है।
बिलासपुर एसएसपी और कलेक्टर से लगाई मदद की गुहार
अपने भाई का पता लगाने और उसकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए आशी दुबे ने बिलासपुर के एसएसपी और कलेक्टर से मुलाकात कर मदद मांगी है। परिवार चाहता है कि संबंधित एजेंसियां मामले में जल्द हस्तक्षेप करें और विनीत की स्थिति का पता लगाया जाए।
परिवार की शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक की ओर से रूसी दूतावास और विदेश मंत्रालय के साथ पत्राचार किए जाने की जानकारी सामने आई है। अब संबंधित अधिकारियों से जवाब मिलने का इंतजार किया जा रहा है।
परिवार को विनीत की सुरक्षित वापसी का इंतजार
नौकरी की उम्मीद लेकर विदेश गए विनीत कुमार दुबे के लापता होने से परिवार परेशान है। परिजनों ने उसके साथ कथित दुर्व्यवहार और युद्ध में भेजने के दबाव को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
फिलहाल विनीत कहां है और उसकी वास्तविक स्थिति क्या है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। परिवार को उम्मीद है कि भारतीय दूतावास, विदेश मंत्रालय और संबंधित प्रशासन के हस्तक्षेप से जल्द उसकी जानकारी मिल सकेगी और उसकी सुरक्षित वापसी का रास्ता निकलेगा।