BILASPUR NEWS: कोटा क्षेत्र के ग्राम बिल्लीबंद धनुवारपारा में सर्पदंश की शिकार 7 वर्षीय बच्ची रायना बंजारे की इलाज के दौरान मौत हो गई। बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने आपातकालीन एंबुलेंस सेवा में कथित देरी को लेकर सवाल उठाए हैं। घटना ने ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन परिवहन व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
परिजनों के मुताबिक, रायना रात में खाना खाने के बाद घर में सोई थी। सुबह उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे पेट दर्द, उल्टी और सांस लेने में तकलीफ होने लगी। हालत गंभीर देखते हुए परिजन तत्काल उसे कोटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।
अस्पताल में चिकित्सकों ने बच्ची का प्राथमिक उपचार किया। स्थिति गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया गया।
परिजनों का आरोप है कि कोटा अस्पताल परिसर में वाहन उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें रतनपुर से एंबुलेंस बुलाने की बात कही गई। उनका कहना है कि एंबुलेंस के पहुंचने में करीब एक घंटे की देरी हुई। इसके बाद बच्ची को सिम्स बिलासपुर ले जाकर भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि अगर समय पर आपातकालीन वाहन उपलब्ध हो जाता और उसे जल्द अस्पताल पहुंचाया जाता, तो शायद उसकी जान बच सकती थी। हालांकि, बच्ची की मौत और एंबुलेंस में देरी के बीच सीधे तौर पर कोई चिकित्सकीय कारण संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है।