BIJAPUR NEWS बीजापुर :छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित और दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बीजापुर जिले के अति-संवेदनशील ग्राम डोडीतुमनार (तुमनार) में आयोजित स्वास्थ्य शिविर का राज्य स्तरीय दल और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की टीम ने निरीक्षण किया।
यह शिविर मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान (MSBA) के तहत आयोजित किया गया था। टीम ने शिविर में ग्रामीणों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया और सुदूर क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की।
समय पर इलाज से बच्चे को मिला नया जीवन
निरीक्षण के दौरान WHO टीम ने डोडीतुमनार निवासी सोमलू मड़ियाम और उनके परिवार से मुलाकात की। अभियान के तहत हुई स्क्रीनिंग में उनके बच्चे में नेफ्रोटिक सिंड्रोम की समय पर पहचान हुई थी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी, नियमित इलाज और फॉलो-अप से बच्चे के स्वास्थ्य में काफी सुधार हुआ।
टीम ने इसे समय पर बीमारी की पहचान और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का सफल उदाहरण बताया।
116 ग्रामीणों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
स्वास्थ्य शिविर में कुल 116 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया गया। इस दौरान मलेरिया जांच, बुखार, सर्दी-खांसी, दर्द, खुजली, उल्टी-दस्त जैसी बीमारियों का इलाज किया गया।
इसके अलावा बच्चों का टीकाकरण, जरूरी दवाओं का वितरण, स्वास्थ्य परामर्श और अन्य चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
BIJAPUR NEWS दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मिल रही मजबूती
WHO टीम ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान जैसे प्रयास आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों में बीमारी की समय पर पहचान और उपचार में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इससे ग्रामीणों को उनके गांव के पास ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। शिविर में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, एएनएम, मितानिन और अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।