BALODABAZAR NEWS. छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने परिवार के साथ-साथ पुलिस को भी हैरान कर दिया है। जिस बेटे को परिवार ने मृत समझकर अंतिम विदाई दे दी, उसका दशगात्र कराया और मृत्यु भोज तक करा दिया, वही युवक करीब 15 दिन बाद अचानक जिंदा घर लौट आया। बेटे को सामने देखकर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा, लेकिन अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया था, वह किसका था?
गुमशुदगी से शुरू हुई पूरी कहानी
मामला बलौदाबाजार जिले के शुकली गांव का बताया जा रहा है। यहां रहने वाला मोतीलाल मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है। कुछ समय पहले वह अचानक घर से लापता हो गया था। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश की और रिश्तेदारों के अलावा आसपास के गांवों में भी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। कई दिन तक मोतीलाल के वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने गिधौरी पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी।
नाले में मिली अज्ञात लाश
इसी बीच कुछ दिन बाद एक नाले में पानी के साथ एक अज्ञात शव बहकर आया। शव काफी समय तक पानी में रहने के कारण फूल गया था और उसकी हालत भी खराब हो चुकी थी। पुलिस ने शव की पहचान के लिए मोतीलाल के परिजनों को बुलाया। शव की हालत खराब होने की वजह से पहचान करना आसान नहीं था। हालांकि, परिजनों ने शव को मोतीलाल का मान लिया। परिवार को लगा कि जिस बेटे को वे कई दिनों से ढूंढ रहे थे, उसकी मौत हो चुकी है।
बेटे को मृत समझकर किया अंतिम संस्कार
शव की पहचान मोतीलाल के रूप में किए जाने के बाद पुलिस ने उसे परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद परिवार ने पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार कर दिया। दशगात्र की रस्म पूरी हुई और रिश्तेदारों व गांव वालों के लिए मृत्यु भोज भी कराया गया। घर में मातम पसरा था और परिवार के लोग बेटे की मौत के गम में डूबे हुए थे। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि कुछ ही दिनों बाद उनकी कहानी पूरी तरह बदल जाएगी।
15 दिन बाद दरवाजे पर जिंदा खड़ा मिला मोतीलाल
अंतिम संस्कार के करीब 15 दिन बाद अचानक मोतीलाल अपने घर वापस लौट आया। जिसे परिवार मृत मान चुका था, जिसका अंतिम संस्कार कर दिया गया था और जिसके नाम पर दशगात्र व मृत्यु भोज तक हो चुका था, वही युवक जब जिंदा घर पहुंचा तो परिजनों के होश उड़ गए।कुछ देर तक परिवार को अपनी आंखों पर भरोसा नहीं हुआ। जब उन्होंने सामने खड़े युवक को पहचान लिया तो मातम में डूबे घर में अचानक खुशी का माहौल बन गया।
अब सबसे बड़ा सवाल- आखिर वह शव किसका था?
मोतीलाल के जिंदा लौटने के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल अज्ञात शव की पहचान को लेकर खड़ा हो गया है। आखिर जिस शव को मोतीलाल का मानकर अंतिम संस्कार किया गया, वह किस व्यक्ति का था?
गिधौरी थाना प्रभारी संदीप कुमार के मुताबिक, मोतीलाल की गुमशुदगी की रिपोर्ट के आधार पर परिजनों ने शव की शिनाख्त की थी। इसके बाद शव उन्हें सौंप दिया गया था। बाद में कसडोल थाने में एक अन्य व्यक्ति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई। उस आधार पर जांच किए जाने पर नाले से मिले शव की पहचान उस व्यक्ति के रूप में होने की बात सामने आई।
फिलहाल मोतीलाल भी अपने गांव लौट आया है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि शव की पहचान में चूक कैसे हुई और इस मामले में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं।