AMBIKAPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैनपाट में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। तेज बारिश के बाद उफान पर आई घुनघुट्टा नदी को बाइक से पार करना एक युवक-युवती को भारी पड़ गया। पुल के ऊपर से तेज बहाव में पानी गुजर रहा था। इसी दौरान बाइक अनियंत्रित हुई और दोनों नदी की धार में बह गए। हादसे में 22 वर्षीय गौरीनंदन को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन उसका 25 वर्षीय साथी येदूकृष्णन तेज बहाव में बहकर लापता हो गया था। रविवार सुबह SDRF की टीम ने उसका शव घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर नदी किनारे झाड़ियों के पास से बरामद किया। दोनों मूल रूप से केरल के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
NIT रायपुर की छात्रा से मिलने आया था युवक
गौरीनंदन NIT रायपुर की छात्रा थी। उसका साथी येदूकृष्णन बेंगलुरु में नौकरी करता था और उससे मिलने रायपुर आया था। दोनों शनिवार को मैनपाट घूमने पहुंचे थे। जानकारी के मुताबिक, दोनों सुबह दुर्ग से ट्रेन के जरिए अंबिकापुर पहुंचे। इसके बाद कुछ देर अंबिकापुर में रुककर उन्होंने किराये पर बाइक ली और मैनपाट के लिए रवाना हो गए। मैनपाट पहुंचने के बाद दोनों ने कुछ पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। इसके बाद वे कमलेश्वरपुर से रोपाखार की ओर जा रहे थे।
पुल के ऊपर से बह रहा था पानी, फिर भी बाइक से पार करने लगे
तिब्बती कैंप नंबर-2 से पहले घुनघुट्टा नदी उफान पर थी। नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा था और बहाव काफी तेज था। इसके बावजूद दोनों बाइक से पुल पार करने लगे। पुल के बीच पहुंचते ही तेज पानी के कारण बाइक का संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते बाइक समेत दोनों नदी की तेज धार में बह गए। आसपास मौजूद लोगों ने जब दोनों को बहते देखा तो बचाव की कोशिश शुरू की।
शमसुद्दीन ने रस्सी के सहारे बचाई छात्रा की जान
हादसे के समय मौके पर मौजूद स्थानीय युवक शमसुद्दीन खान ने साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। युवती को नदी में डूबता देख उसने बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी। बताया गया कि मोटी रस्सी की मदद से शमसुद्दीन ने गौरीनंदन को सहारा दिया और काफी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अन्य स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में मदद की। हालांकि, इस दौरान येदूकृष्णन और बाइक तेज बहाव में काफी दूर तक बह गए। देर शाम तक उसकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
रात में रुका सर्च ऑपरेशन, सुबह फिर शुरू हुई तलाश
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने भी घटनास्थल का जायजा लिया।नदी के दोनों किनारों पर तलाशी अभियान चलाया गया। नगर सेना और बचाव दल को भी मौके पर बुलाया गया, लेकिन अंधेरा होने के कारण रात में युवक का पता नहीं चल सका। रविवार सुबह SDRF की टीम ने दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान स्थानीय युवकों को घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर नदी किनारे झाड़ियों के पास एक शव दिखाई दिया। सूचना मिलने पर SDRF ने शव को बाहर निकाला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और युवक के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है।
दोस्त को आंखों के सामने बहता देख सदमे में छात्रा
अपने साथी को आंखों के सामने नदी में बहते देखने के बाद गौरीनंदन गहरे सदमे में है। बचाए जाने के बाद उसकी चिकित्सकीय जांच कराई गई। पुलिस के मुताबिक, छात्रा अभी ज्यादा कुछ बताने की स्थिति में नहीं है। वह केरल की रहने वाली है, इसलिए भाषा को लेकर भी कुछ परेशानी आ रही है।मैनपाट कमलेश्वरपुर थाना प्रभारी मनोज प्रजापति के अनुसार, छात्रा के परिजनों को सूचना दे दी गई है। उसकी स्थिति को देखते हुए फिलहाल उससे ज्यादा पूछताछ नहीं की जा रही है।
पहाड़ी इलाकों में बारिश से अचानक बढ़ जाता है नदी का बहाव
मैनपाट के नदी-नालों में बारिश के दौरान पानी का बहाव बेहद तेज हो जाता है। पहाड़ी इलाका होने के कारण आसपास के ऊंचे क्षेत्रों में हुई बारिश का पानी तेजी से नीचे की ओर आता है और कुछ ही समय में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ जाता है।कई बार जिस स्थान पर बारिश कम होती है, वहां भी पहाड़ों से आने वाले पानी के कारण अचानक तेज बहाव की स्थिति बन जाती है।इसी वजह से प्रशासन और स्थानीय लोग बारिश के दौरान नदी और पुल पार करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। घुनघुट्टा नदी में भी हादसे के वक्त पानी पुल के ऊपर से बह रहा था और बहाव काफी तेज था।
एक जिंदगी बची, दूसरी चली गई
इस हादसे में स्थानीय युवक शमसुद्दीन खान की बहादुरी से NIT छात्रा की जान बच गई, लेकिन उसका साथी येदूकृष्णन जिंदगी की जंग हार गया। घटना के दूसरे दिन शव मिलने के बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया की जाएगी।