CHHATTISGARH NEWS. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षाबलों के जवानों के साथ दीपावली का त्योहार मनाया। इसके साथ ही उन्होंने जवानों के साहस, बलिदान और समर्पण को नमन किया। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह लगातार 13वीं बार है, जब नरेंद्र मोदी ने देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के बीच पहुंचकर दिवाली मनाई है। हालांकि, छत्तीसगढ़ में दीपावली के अवसर पर उनका यह पहला दौरा है। बस्तर पहुंचकर पीएम मोदी ने कहा कि वह इस बार दिवाली मनाने के लिए बस्तर के जंगलों में अपने वीर जवानों के बीच आए हैं। उन्होंने कहा कि यह वही धरती है, जहां कभी नक्सली आतंक का कहर था, लेकिन जवानों के त्याग और तपस्या से आज यहां विकास की नई बहार दिखाई दे रही है।
‘आप सभी मेरे परिवार के सदस्य हैं’
जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में करोड़ों भारतीय रोशनी का यह पावन पर्व मना रहे हैं। लोग अपने परिवार और अपनों के साथ दिवाली मनाने के लिए दूर-दूर से घर लौट रहे हैं। ऐसे में वह भी अपने परिवार के बीच दिवाली मनाने पहुंचे हैं। पीएम मोदी ने कहा, “जो लोग सीमाओं पर और देश के भीतर राष्ट्र की रक्षा करते हैं, जो देश के रक्षक हैं और भारत माता के वीर बेटे-बेटियां हैं, आप सभी मेरे परिवार के सदस्य हैं।” उन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा में जुटे जवानों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और उनके योगदान के लिए आभार जताया।
’40-50 साल बाद आई ऐसी दिवाली, देश ने नक्सलवाद के खिलाफ जीती जंग’
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि साल 2026 की दिवाली बेहद खास है, क्योंकि दशकों से चली आ रही नक्सलवाद और माओवादी आतंक के खिलाफ लड़ाई में देश ने बड़ी सफलता हासिल की है। पीएम मोदी ने कहा, “40-50 साल के बाद आपके लिए ऐसी दिवाली आई है। यह पहली दिवाली है, जब देश नक्सलवाद, माओवादी आतंक के खिलाफ दशकों पुरानी लड़ाई जीत चुका है। यह पहली दिवाली है, जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है।” उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय सुरक्षा बलों के जवानों को देते हुए कहा कि इसके पीछे लाखों वीर जवानों का त्याग, समर्पण और सेवा भावना है। प्रधानमंत्री ने 140 करोड़ देशवासियों की ओर से जवानों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
CRPF, कोबरा और बस्तर फाइटर्स की भूमिका को सराहा
पीएम मोदी ने देश की आंतरिक सुरक्षा में तैनात CRPF, कोबरा, BSF, ITBP, SSB, IRB और राज्य पुलिस के जवानों की भूमिका की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने बस्तर फाइटर्स और महिला फाइटर्स के योगदान का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं पर जिस तरह सेना राष्ट्र की रक्षा करती है, उसी तरह देश के भीतर सुरक्षा बल एकता और अखंडता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए अनगिनत बलिदान दिए हैं। देश उनके त्याग और सेवाओं का ऋणी है।
कभी 20 राज्यों के 230 से ज्यादा जिले थे नक्सलवाद की चपेट में
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में नक्सलवाद के पुराने दौर को भी याद किया। उन्होंने कहा कि एक समय देश के करीब 20 राज्यों के 230 से ज्यादा जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे। कई इलाकों में शाम होते ही जनजीवन ठहर जाता था और लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता था। उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने आम लोगों से मतदान का अधिकार तक छीनने की कोशिश की थी। बिहार, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत देश के बड़े हिस्से में वामपंथी उग्रवाद का प्रभाव था।
पीएम मोदी ने 2010 में दंतेवाड़ा में हुए बड़े नक्सली हमले का भी जिक्र किया। इस घटना में CRPF के 76 जवान शहीद हुए थे। इसी साल दंतेवाड़ा में एक अन्य घटना में 44 निर्दोष नागरिकों की हत्या हुई थी। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई आसान नहीं थी, लेकिन सुरक्षाबलों के अदम्य साहस और बलिदान से आज हालात में बड़ा बदलाव आया है।
करनपुर के कोबरा ऑपरेशंस बेस पहुंचे PM मोदी
दीपावली कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बस्तर के करनपुर स्थित कोबरा (CoBRA) ऑपरेशंस बेस का भी दौरा किया। यहां उन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह बेस बस्तर और अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों के लिए प्रशिक्षण केंद्र और ऑपरेशनल लॉन्च पैड के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।