LUCKNOW NEWS. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इंदिरा नगर स्थित सेंट्रल एकेडमी स्कूल में कक्षा 9 में पढ़ने वाले एक छात्र पर अपनी सहपाठी छात्रा की पानी की बोतल में यूरिन मिलाने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि छात्रा ने अनजाने में बोतल का पानी पी भी लिया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्कूल में हड़कंप मच गया। परिजनों की शिकायत पर स्कूल प्रबंधन ने आरोपी छात्र के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसका नाम काट दिया है।
मोटा कहकर चिढ़ाने से नाराज था छात्र
मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी छात्र और छात्रा के बीच पहले से विवाद चल रहा था। आरोप है कि छात्रा उसे मोटा कहकर चिढ़ाती थी, जिससे वह नाराज रहता था। बीते गुरुवार को भी छात्रा ने उसे मोटा कह दिया। इसी बात से गुस्साए छात्र ने कथित तौर पर छात्रा की पानी की बोतल में यूरिन मिला दिया। कुछ देर बाद छात्रा ने उसी बोतल से पानी पी लिया। स्कूल से घर पहुंचने के बाद जब उसे घटना की जानकारी हुई, तो उसने अपने परिजनों को पूरी बात बताई। इसके बाद शुक्रवार को छात्रा के परिजनों ने स्कूल प्रशासन से शिकायत की और मामले में कार्रवाई की मांग की।
स्कूल प्रबंधन ने आरोपी छात्र का नाम काटा
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई की। स्कूल प्रशासन के मुताबिक, आरोपी छात्र का नाम काटकर उसे स्कूल से बाहर कर दिया गया है। स्कूल के प्रिंसिपल डीपी सिंह ने बताया कि घटना के बाद जरूरी कदम उठाए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। प्रिंसिपल के अनुसार, स्कूल परिसर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई गई है। इसके अलावा स्टाफ को भी विद्यार्थियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आरोपी के भविष्य को देखते हुए पुलिस कार्रवाई से इनकार
बताया जा रहा है कि छात्रा के परिजनों ने आरोपी छात्र के भविष्य को ध्यान में रखते हुए पुलिस कार्रवाई नहीं करने का फैसला किया है। हालांकि, इस मामले में पुलिस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक शिकायत मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस के मुताबिक, घटना के संबंध में न तो परिजनों और न ही स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई लिखित शिकायत दी गई है। इसी वजह से पुलिस को मामले की औपचारिक जानकारी नहीं मिली है।
फिलहाल, स्कूल प्रबंधन की ओर से आरोपी छात्र के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। इस घटना ने स्कूलों में बच्चों के बीच होने वाले विवाद, अनुशासन और विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।