RAIPUR NEWS. रायपुर। NSUI के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे पर रायपुर के एक युवक ने 29 लाख 35 हजार 440 रुपए की ठगी करने का गंभीर आरोप लगाया है। युवक का आरोप है कि उसे दवा कंपनी सिप्ला की एजेंसी/डीलरशिप, DKS अस्पताल में कैंटीन का ठेका, पत्नी को मंत्रालय में नौकरी और रेत खदान दिलाने का झांसा देकर रकम ली गई।
शिकायतकर्ता राजू सोनकर ने नीरज पांडे, उसके भाई दीपक पांडे और चाचा इंद्रासन पांडे पर आरोप लगाते हुए बैंक स्टेटमेंट और लेन-देन के दस्तावेजों के साथ रायपुर पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है। इसके बाद युवक ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भी न्याय की गुहार लगाई है।
नीरज पांडे को 22.72 लाख देने का दावा
शिकायत में राजू सोनकर ने दावा किया है कि उसे सिप्ला कंपनी की डीलरशिप दिलाने का भरोसा देकर बड़ी रकम ली गई। शिकायत के अनुसार, अकेले नीरज पांडे को 22 लाख 72 हजार 500 रुपए दिए गए। इसमें 18 लाख 42 हजार 500 रुपए ऑनलाइन और 4 लाख 30 हजार रुपए नकद दिए जाने का उल्लेख है।

वहीं, शिकायतकर्ता के अनुसार इंद्रासन पांडे को 5 लाख 74 हजार 940 रुपए और दीपक पांडे को 95 हजार रुपए दिए गए। इस तरह कुल रकम 29 लाख 35 हजार 440 रुपए बताई गई है।
एजेंसी से लेकर नौकरी और रेत खदान तक का झांसा
युवक का आरोप है कि आरोपियों ने सिप्ला की एजेंसी दिलाने के साथ-साथ DKS अस्पताल की कैंटीन का काम दिलाने, अस्पतालों में दवा सप्लाई का काम, पत्नी को मंत्रालय में नौकरी और रेत खदान दिलाने का भरोसा दिया। आरोप है कि रकम लेने के बाद अलग-अलग आश्वासन देकर उसे लंबे समय तक टालते रहे।
पैसे वापस मांगे तो धमकी का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि रकम वापस मांगने पर उसके साथ गाली-गलौज की गई और परिवार को उठवा लेने तथा जान से मारने की धमकी दी गई।
युवक ने अपनी शिकायत में साफ कहा है कि अगर उसे या उसके परिवार को कुछ होता है तो इसके लिए नीरज पांडे, दीपक पांडे और इंद्रासन पांडे जिम्मेदार होंगे।
थाने में शिकायत के बाद CM से लगाई गुहार
राजू सोनकर ने बताया कि उसने 25 जुलाई 2026 को स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दी थी। इसके बाद रायपुर पुलिस कमिश्नर से शिकायत की गई। अब युवक ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने और आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल मामला शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि और आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
