UTTAM JAISWAL RESIGNS: रायपुर। आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी मुकेश अहलावत को प्रेषित किया है।

अपने त्यागपत्र में उत्तम जायसवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी से जुड़ने का उनका उद्देश्य कभी पद अथवा व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ नहीं रहा। वे इस विश्वास के साथ पार्टी से जुड़े थे कि छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों और पार्टी की कार्यप्रणाली को देखकर अब उन्हें यह उद्देश्य पार्टी के माध्यम से पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है।
उत्तम जायसवाल ने कहा कि उन्होंने एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की और मेहनत, संघर्ष एवं संगठन के प्रति निष्ठा के बल पर विधानसभा से जिला और जिला से प्रदेश स्तर तक जिम्मेदारियाँ निभाईं। प्रदेश महासचिव सहित पार्टी द्वारा दी गई प्रत्येक जिम्मेदारी को उन्होंने पूरी निष्ठा से निभाया। पार्टी के आंदोलनों और संघर्षों में अग्रिम पंक्ति में रहने के दौरान आठ बार जेल जाने का भी उल्लेख उन्होंने अपने त्यागपत्र में किया है।
प्रदेश संगठन की राय और कार्यकर्ताओं की भावनाओं की अनदेखी का आरोप
उत्तम जायसवाल ने पार्टी की वर्तमान कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में संगठनात्मक प्रोटोकॉल और आंतरिक संवाद कमजोर होता जा रहा है। उनका आरोप है कि दिल्ली से आने वाले कुछ लोगों की पसंद-नापसंद और निर्णयों के चलते प्रदेश संगठन तथा जमीनी कार्यकर्ताओं की राय को अपेक्षित महत्व नहीं मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश संगठन से पर्याप्त विचार-विमर्श किए बिना महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने से कार्यकर्ताओं में निराशा और असंतोष पैदा हो रहा है।
2023 की गलतियों से सबक नहीं लेने का आरोप
उत्तम जायसवाल ने 2023 के विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश के वर्षों पुराने, समर्पित और संघर्षशील कार्यकर्ताओं ने उपेक्षा एवं अपमान महसूस किया था। उम्मीद थी कि पार्टी इस अनुभव से सीख लेकर अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करेगी, लेकिन आगामी चुनावों को लेकर भी उन्हें परिस्थितियाँ उसी दिशा में जाती दिखाई दे रही हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान कार्यप्रणाली को देखते हुए उन्हें अब किसी ठोस और सकारात्मक बदलाव की उम्मीद दिखाई नहीं देती।
“पद पर बने रहना मेरे लिए राजनीति नहीं”
उत्तम जायसवाल ने कहा कि प्रदेश के इतने महत्वपूर्ण पद पर रहने के बावजूद उन्हें छत्तीसगढ़ को लेकर पार्टी का कोई स्पष्ट रोडमैप, दीर्घकालीन राजनीतिक रणनीति और सकारात्मक विज़न दिखाई नहीं दे रहा है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि “केवल पद पर बने रहना मेरे लिए राजनीति नहीं है। पद से अधिक मेरे लिए मेरा आत्मसम्मान, मेरा संघर्ष और वर्षों से मेरे साथ खड़े कार्यकर्ताओं का सम्मान महत्वपूर्ण है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा किसी व्यक्ति विशेष के विरोध अथवा व्यक्तिगत नाराजगी का परिणाम नहीं है, बल्कि यह वर्षों के अनुभव, वर्तमान परिस्थितियों और पार्टी की कार्यप्रणाली से उत्पन्न गहरी निराशा का परिणाम है।
उत्तम जायसवाल ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की असली ताकत उसके बड़े पदों पर बैठे लोग नहीं, बल्कि जमीन पर झंडा उठाकर संघर्ष करने वाले कार्यकर्ता होते हैं। यदि उन्हीं कार्यकर्ताओं का सम्मान और विश्वास समाप्त हो जाए तो संगठन की मजबूती केवल कागजों तक सीमित रह जाती है।
अंत में उन्होंने कहा कि वे प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे रहे हैं, लेकिन अपने आत्मसम्मान, सिद्धांतों और छत्तीसगढ़ के हितों के लिए संघर्ष की भावना से पीछे नहीं हटेंगे।
उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब छत्तीसगढ़ में आम आदमी पार्टी आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी तैयारियों को लेकर संगठन को मजबूत करने का प्रयास कर रही है। ऐसे में प्रदेश के एक प्रमुख पदाधिकारी का इस्तीफा पार्टी के लिए निश्चित रूप से गंभीर राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।